दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के बागड़ियों का बास गांव में जमीनी विवाद के चलते गुरुवार सुबह खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों में लाठी-भाटा और कुल्हाड़ी से हमला हुआ। इस दौरान गोली लगने से कैलाशी देवी (52) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी जेठानी बदाम देवी (53) गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों पक्षों के करीब 9 लोग घायल हुए, जिन्हें बसवा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुई घटना
गांव निवासी गोपाल की पत्नी कैलाशी देवी सुबह खेत पर गई थीं। तभी जमीनी विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हुई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पप्पूराम के बेटे राजेंद्र (37) ने पिस्तौल से फायरिंग कर दी। गोली कैलाशी के सीने में लगी और उनकी मौके पर मौत हो गई। जेठानी बदाम देवी के सिर में गोली लगी, जिन्हें गंभीर हालत में दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया। लाठी-भाटा और कुल्हाड़ी से हमले में गोपाल (53), रामदयाल, कुलदीप, शंकर, बिदाम देवी, शांति देवी, कोमल देवी, खुशी और मांगीलाल घायल हुए। घटना के बाद पप्पूराम पक्ष के लोग फरार हो गए।
गोपाल ने बताया कि पप्पूराम उनके रिश्ते में भाई हैं और दोनों के खेत आमने-सामने हैं। पप्पूराम पक्ष लंबे समय से उनके खेत पर दावा करता रहा है। बुधवार रात उन्होंने खेत की सीमा पर लगी तारबंदी उखाड़ दी थी। गुरुवार सुबह जब तारबंदी लगाने लगे तो विवाद बढ़ गया और हमला कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
लालसोट एएसपी दिनेश अग्रवाल ने परिजनों को आश्वासन दिया कि जांच तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी।
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