शहर में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा उत्सव जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शोभायात्राओं के बाद रावण के टीले पर लंकेश, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित नगर परिषद के तत्वावधान में 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
इस अवसर पर विधायक डी. सी. बैरवा, नगर परिषद सभापति कल्पना जैमन, सी.ओ. रवि प्रकाश, कोतवाल सुधीर उपाध्याय और कई पार्षदों ने भगवान श्रीराम का पूजन किया। राम-रावण के पात्रों के संवाद के बाद युद्ध हुआ। जैसे ही भगवान राम के पात्र ने अग्निबाण चलाया, रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा। इस दौरान जमकर आतिशबाजी हुई और भगवान राम के जयकारे गूंज उठे।
शहर में आध्यात्मिक आदर्श रामलीला समिति के पात्रों ने सजीव झांकियों के साथ बजरंग मैदान से शोभायात्रा निकाली, जिसे देखने सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से कड़ी सुरक्षा के बीच गुजरी।
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शहर के विभिन्न मोहल्लों में भी बच्चों ने रावण के पुतलों का दहन किया। प्रतीक विहार कॉलोनी, विनायक नगर, आनंद कॉलोनी और महावर कॉलोनी में भी लंकेश के पुतले जलाए गए।
महुवा कस्बे में दशहरे पर पुरानी तहसील से झांकियों के साथ प्रमुख मार्गों से बैण्डबाजों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। टीकाराम पालीवाल विद्यालय में गणेश मंदिर दशहरा कमेटी के तत्वावधान में बनाए गए रावण के पुतले को देखने के लिए बड़ी भीड़ जुटी। आतिशबाजी के बीच रावण, मेघनाथ और कुम्भकरण के पुतलों का दहन किया गया।
सिकंदरा-भाण्डारेज कस्बे में रामदास कला समिति की ओर से गोपाल चौक से शोभायात्रा निकाली गई और नले वाले बालाजी पर रावण का पुतला जलाया गया। भाण्डारेज कस्बे के पूर्विया मोहल्ला मंदिर से भी शोभायात्रा निकाली गई और रामतलाई मंदिर पहुंचकर पुतले का दहन किया गया।