दौसा जिले के ऊंनबड़ा गांव में 6 साल पहले लापता हुए चार साल के बच्चे के मामले में सनसनीखेज मोड़ आया है। पड़ोसी युवक ने बच्चे की हत्या कर शव को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे गाड़ने की बात स्वीकार की है। यह मामला बांदीकुई थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात कबूल की। बच्चा 16 अगस्त 2020 को बैरवा ढाणी से लापता हुआ था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 17 अगस्त 2020 को बांदीकुई पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
कई जांच अधिकारियों के बाद भी नहीं मिला सुराग
करीब सात जांच अधिकारी इस मामले की जांच कर चुके थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगभग दो साल पहले इस प्रकरण में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और सुनवाई जारी थी। वर्तमान में जांच की जिम्मेदारी दौसा महिला सेल के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार को सौंपी गई। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पिछले एक महीने से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही थी।
पुलिस ने पड़ोसी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने बच्चे की हत्या कर शव को निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे गाड़ने की बात स्वीकार की।
300 मीटर तक खुदाई, सुराग नहीं
युवक की निशानदेही पर गुरुवार को योगेंद्र फौजदार, बांदीकुई डीएसपी रोहिताश्व देवंदा और साइबर थाने के डीएसपी बृजेश कुमार ऊंनबड़ा गांव के पास एक्सप्रेसवे किनारे पहुंचे। करीब 300 मीटर क्षेत्र में जेसीबी से खुदाई करवाई गई।
खुदाई के दौरान कुछ कपड़े मिले, जिन्हें हिरासत में लिए गए युवक को दिखाया गया, लेकिन वह उनकी पहचान नहीं कर सका। पुलिस ने एक्सप्रेसवे किनारे करीब पांच स्थानों पर खुदाई करवाई, लेकिन कंकाल नहीं मिला।
आरोपी ने पांच जगह बताईं, पुलिस असमंजस में
पूछताछ के दौरान युवक एक्सप्रेसवे किनारे पांच अलग-अलग जगहें बता चुका है। हर बार पुलिस ने बताए गए स्थान पर खुदाई करवाई, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिला। युवक ने एक पीपल के पेड़ के पास शव गाड़ने की बात कही थी। पुलिस अब युवक को साथ लेकर उस स्थान की पहचान कराने की कोशिश कर रही है। युवक के बार-बार स्थान बदलने से पुलिस असमंजस में है। प्रारंभिक तौर पर पुलिस रंजिश को घटना का कारण मान रही है, हालांकि अन्य पहलुओं से भी जांच जारी है।
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हत्या और शव गाड़ने की कबूलनामा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 16 अगस्त 2020 को सुबह करीब 11 बजे उसने घर के आंगन में खेल रहे बच्चे को उठाकर अपने घर के पास ले गया। वहां चाकू से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कट्टे में बंद कर घर के पीछे छिपा दिया। अगले दिन रात करीब 11 बजे वह शव को करीब 500 मीटर दूर निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ले गया और मिट्टी में गाड़ दिया।
बदले हालात से पहचान में दिक्कत
पुलिस का कहना है कि घटना के समय एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन था, जबकि अब निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हालात बदल जाने के कारण आरोपी सटीक स्थान की पहचान नहीं कर पा रहा है और बार-बार अलग जगह बता रहा है। पुलिस के अनुसार खुदाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और जांच हर एंगल से की जा रही है। बांदीकुई डीएसपी रोहिताश्व देवंदा ने कहा कि फिलहाल खुदाई में कुछ नहीं मिला है, लेकिन मामले में जल्द ही स्पष्टता आने की उम्मीद है।