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Dausa News: जर्जर सरकारी स्कूलों की शिफ्टिंग के फैसले पर बिफरे विधायक, बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

Mon, 19 Jan 2026 07:22 PM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

जर्जर भवन वाले सरकारी स्कूलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के सरकारी आदेश को लेकर दौसा विधायक के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों को यथास्थान संचालित रखने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है।
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दौसा कलेक्टर को ज्ञापन देते विधायक
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विस्तार
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जिले में जर्जर भवन वाले राजकीय विद्यालयों को नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट करने के सरकारी आदेश के खिलाफ दौसा विधायक डीसी बैरवा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिफ्ट किए जा रहे स्कूलों को यथावत रखने की मांग की है।

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विधायक डीसी बैरवा ने सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिन स्कूलों को मर्ज किया गया है, उनकी दूरी मूल स्थान से 2 से 8 किलोमीटर तक है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे पार करना पड़ेगा, जो जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में बच्चों को शिफ्ट किया जा रहा है, वहां पहले से ही छात्र-छात्राओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

विधायक ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जर्जर भवनों का जो सर्वे कराया गया है, वह त्रुटिपूर्ण है। सरकार जर्जर भवनों के बहाने इन स्कूलों को स्थायी रूप से बंद करना चाहती है। उन्होंने मांग की कि स्कूलों को शिफ्ट करने के बजाय उनके भवनों की मरम्मत करवाकर उन्हें दुरुस्त किया जाना चाहिए। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया और स्कूलों को यथास्थान संचालित नहीं रहने दिया, तो आगामी समय में बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
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इस दौरान ग्राम आनंदपुरा में ग्रामीणों ने स्कूल को 8 किलोमीटर दूर फाटक्या ढाणी में शिफ्ट किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल गेट के बाहर ताला लगातार विरोध दर्ज कराया और बच्चों को स्कूल नहीं जाने दिया। ग्रामीणों का कहना है कि आनंदपुरा में स्कूल भवन की मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग स्कूल को 8 किलोमीटर दूर फाटक्या ढाणी में शिफ्ट कर रहा है, जिसे ग्रामीण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।

पूर्व एसएमसी अध्यक्ष लल्लूराम, नवल किशोर, गिर्राज प्रसाद, सुवालाल सहित ग्रामीणों ने बताया कि जब तक स्कूल भवन की मरम्मत नहीं हो जाती तब तक एक निजी भवन नि:शुल्क स्कूल प्रशासन को दे दिया गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके बावजूद विभाग जबरन स्कूल को फाटक्या ढाणी स्थानांतरित करना चाहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि आठ किलोमीटर दूर हाईवे पार करके स्कूल भेजना छोटे बच्चों के लिए असुरक्षित और अव्यावहारिक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल शिफ्टिंग का फैसला तुरंत रद्द किया जाए और नया भवन बनने तक आनंदपुरा में ही वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों को पढ़ाया जाए।
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इस दौरान विधायक के साथ महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेनू कटारिया, पूर्व जिलाध्यक्ष रुक्मणी गुप्ता, प्रधान प्रहलाद मीणा, लवाण प्रधान बीना बैरवा और ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज अवाना सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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