दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र के नाहरखोहरा गांव में शुक्रवार रात एक लेपर्ड ने एक घर में घुसकर कुत्ते पर हमला कर दिया। कुछ सेकेंड तक लेपर्ड कुत्ते की गर्दन पकड़े बैठा रहा, लेकिन अन्य कुत्तों के शोर मचाने पर वह डरकर दीवार फांदकर जंगल की ओर भाग गया।
दीवार फांदकर घर में घुसा था लेपर्ड
घटना रात करीब 8:50 बजे की है। जानकारी के अनुसार लेपर्ड भरतलाल मीणा के घर की दीवार फांदकर अंदर घुसा और आंगन में घूम रहे कुत्ते पर झपट पड़ा। हमले के दौरान लेपर्ड कुछ देर तक कुत्ते की गर्दन दबाए बैठा रहा। इसी दौरान कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर आंगन में सो रहे दो अन्य कुत्ते लेपर्ड की ओर दौड़े। उन्हें अपनी ओर आता देख लेपर्ड कुत्ते को छोड़कर दीवार फांदते हुए पास की पहाड़ियों में भाग गया।
पहाड़ियों से घिरा हुआ है नाहरखोहरा गांव
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार सुबह भी गांव के आसपास की पहाड़ियों पर लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया था। नाहरखोहरा गांव पहाड़ियों से घिरा हुआ है और क्षेत्र में लेपर्ड की संख्या अधिक बताई जा रही है। रात में आबादी क्षेत्र में लेपर्ड के प्रवेश से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद कुत्ता लापता
इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें घर के आंगन में बैठा कुत्ता अचानक चिल्लाते हुए भागता दिखाई देता है और कुछ देर बाद घायल अवस्था में कराहता हुआ नजर आता है। घटना के बाद कुत्ता लापता हो गया।
समूह बनाकर आवाजाही कर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि आसपास की पहाड़ियों में लगातार लेपर्ड की मौजूदगी बनी हुई है। कुछ दिन पहले लाखनपुर गांव के पास की पहाड़ियों में भी लेपर्ड देखा गया था। इसके चलते भेड़-बकरियां चराने वाले चरवाहे भयभीत हैं और मजबूरी में समूह बनाकर आवाजाही कर रहे हैं।
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लेपर्ड को सरक्षित जगह छोड़ने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से लेपर्ड का रेस्क्यू कर उसे आबादी क्षेत्र से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की मांग की है। वहीं वन विभाग का कहना है कि सघन वन क्षेत्र की पहाड़ियों में कई लेपर्ड सक्रिय हैं, जो शिकार की तलाश में कभी-कभी आबादी क्षेत्र की ओर आ जाते हैं। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।