दौसा पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि पीड़ित संजय पीलवाल पुत्र बाबूलाल पीलवाल निवासी दुब्बी पुलिस थाना बैजुपाड़ा जिला दौसा में रिर्पोट दर्ज करवाई कि ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म वालों ने उसे टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़कर रुपये दोगुना करने का झांसा देकर 26 लाख 60 हजार 338 रुपये की ठगी की थी। प्रकरण में पीड़ित के बैंक खाते से जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई है,आधुनिक संसाधन का प्रयोग कर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अनुसंधान करने से अपराधियों का राजस्थान, गुजरात, मुंबई, यूपी, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली आदि सहित दुबई, कंबोडिया, वियतनाम व थाइलैंड में होना ज्ञात हुआ।
बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी
दौसा पुलिस अधीक्षक के आदेश पर साइबर सेल की टीम को मुंबई भेजा गया, जहां मुंबई में मुख्य अभियुक्त के साथ रहकर फर्जी कंपनियां व प्रोपराइटर फर्म बनाकर इनके नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करते थे।
मोबाइल सिम कार्ड एक्टिव करवाया
साइबर ठगी का मास्टर माइंड पुलिस से बचने के लिए देश से बाहर दुबई, कंबोडिया, वियतनाम, थाइलैंड आदि देशों में रहकर भारत में स्थित अपने साथियों की मदद से वारदातों को अंजाम देते है। साइबर ठगी के मुख्य अभियुक्त अपने साथियों से विभिन्न कम्पनियों के भारतीय मोबाइल सिम कार्ड एक्टिव करवाकर विदेश में मंगवाकर साइबर ठगी के अपराध को अंजाम देते हैं। साइबर ठगी की राशि का क्रिप्टोकरेंशी, यूएसडीटी के नाम से ही करते थे।
9 फर्जी कंपनियां व फर्म की फाइल भी बनवाई
बता दें कि कई बैंकों नामों की 32 खाली चैक बुक, अनेकों बैंको के 35 एटीएम कार्ड, कई कंपनियों के 17 सीम कार्ड, कई नाम की कम्पनियों व प्रोपराइटर फर्म की 29 स्टाम्प, सील, 4 लैपटोप मय चार्जर, 3 मोबाइल फोन की पेड, 7 मोबाइल फोन एंड्रोइड, आईफोन,1 POS मशीन, 17 पेन कार्ड, 2 हार्ड डिस्क, 01 बंडल खाता खुलवाने के फॉर्म, 4 क्यूआर कोड स्कैनर, 5 आधार कार्ड, 1 सीसीटीवी कैमरा, 3 आईडी कार्ड, हिसाब की 17 डायरियां, विभिन्न बैंकों के खाता खुलवाने के फॉर्म सहित कई 9 फर्जी कंपनियां व फर्म की फाइल भी बनवाई है।