दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पिलर नंबर 193 के पास हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत के बाद जिला अभिभाषक संघ दौसा ने NHAI पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष कुंजबिहारी शर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 27 जनवरी की रात एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे के दौरान पीड़ितों द्वारा राष्ट्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना देने के बावजूद समय पर कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन करीब 10 किलोमीटर तक घसीटता रहा लेकिन इस दौरान एनएचएआई का कोई कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगे होने तथा पास में ही सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल सिस्टम होने के बावजूद हादसे की निगरानी और त्वरित रेस्क्यू नहीं किया गया। यदि समय रहते पीड़ितों को सहायता देकर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो संभवतः चार लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
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उन्होंने इस पूरे मामले को एनएचएआई अधिकारियों की घोर लापरवाही करार देते हुए कहा कि इसी लापरवाही के चलते चार लोगों की मौत हुई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ। घटना को लेकर अधिवक्ताओं के साथ-साथ आमजन में भी रोष व्याप्त है। इस दौरान एडवोकेट अनूप भंडाना, रामचरण शर्मा, सीताराम दायमा सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
संघ के महासचिव रामेश्वरप्रसाद बैरवा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयंत जोशी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की कि दोषी एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही हादसे से संबंधित सीसीटीवी फुटेज जिला अभिभाषक संघ दौसा को शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इस गंभीर प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि यह मामला न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता बल्कि एक्सप्रेस-वे जैसी हाईटेक सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था का है।