बीते 48 घंटों में दौसा में हुई बारिश ने समीपी गांव मित्रपुरा की स्थिति टापू के समान कर दी है। यहां चारों तरफ पानी ही पानी भरा हुआ है, जिसके चलते दौसा जिला प्रशासन पानी की निकासी के लिए प्रयास में जुटा है। गांव के लोगों इस कारण से फसल नष्ट होने की बात कही है।
पिछले तीन-चार दिनों में हुई बरसात ने जयपुर-आगरा हाइवे पर स्थित मित्रपुरा गांव को टापू में तब्दील कर दिया, जिसके चलते करीब 70 परिवार संकट में फंस गए। जिला प्रशासन ने गांव से पानी निकालने के प्रयास तो शुरू कर दिए हैं लेकिन गांव के लगभग 30% से अधिक हिस्से में अब भी पानी भरा हुआ है। घरों से निकलने के रास्ते तक बंद हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दौसा मित्रपुरा मेडिकल कॉलेज निर्माण होने के कारण पानी की निकासी का मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिसके चलते पूरा पानी गांव के खेतों और खलिहानों में रुक गया ।
जिला प्रशासन पानी की निकासी के लिए पूरे प्रयास कर रहा है लेकिन अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है, फिलहाल यहां वैकल्पिक रास्ते बनाकर पानी को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस पानी के कारण फसल को हुए नुकसान का मुआवजा सरकार को देना चाहिए।
इधर दौसा SDM मनीष कुमार ने बातचीत में बताया कि भविष्य में यहां जलभराव न हो इसके स्थाई समाधान खोजे जा रहे हैं। अब व्यक्तिगत मदद के लिए लोग आए सामने आ रहे हैं। मित्रपुरा गांव बाहर पेट्रोल पंप मालिक ने पानी निकासी के लिए स्वयं के खर्चे पर प्रशासन की मदद करते हुए पानी निकासी के लिए पाइप डलवाए हैं।