पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा के विधानसभा क्षेत्र लालसोट के रामगढ़ पचवारा में झोलाछाप के इंजेक्शन से महिला की मौत हो गई। घटना के बाद से झोलाछाप फरार है। पुलिस मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। मृतक महिला शांति देवी तहसील के गांव बिछा की रहने वाली थी। घटना के बाद से दौसा जिला चिकित्सा प्रशासन लापरवाही उजागर हुई हैं। इस हादसे से दौसा चिकित्सा महकमें में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार शांति देवी को पेट में दर्द की शिकायत के चलते पीडी मखीजा को दिखाया गया था। महिला को इंजेक्शन लगाने के बाद बेहोशी आ गई। और वहीं उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतक महिला शांति देवी के बेटे ने रामगढ़ पचवारा थाने में रिपोर्ट करवाई।
उधर, महिला की मौत के बाद नीम हकीम फरार हो गया है। नीम हकीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब पुलिस पीडी मखीजा नामक इस झोलाछाप डॉक्टर की तलाश में जुटी है। उधर स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी भी इस लापरवाही की जांच में जुटे हैं।
मृतका शांति देवी के बेटे सुरेश ने बताया की पीडी मखीजा नाम का यह नीम हकीम लगभग 30 साल से अपनी दुकान रामगढ़ पचवारा में चलाए हुए है। ये कोई पहला मामला भी नहीं, जब इस नीम हकीम के इंजेक्शन से किसी की जान गई हो।
इस मामले पर रामगढ़ बीसीएमओ डॉ. पवन जैन का कहना है कि उन्हें अभी दो महीने ही हुए हैं। इसलिए उन्हें अभी इस इलाके के बारे में ज्यादा पता नहीं है कि कौन आदमी नीम हकीम है और कौन डिग्री लेकर इस इलाके में प्रैक्टिस कर रहा है, लेकिन बीते तीन दिन पहले उन्होंने रामगढ़ और लालसोट ब्लॉक के तमाम चिकित्सा प्रैक्टिसनरों को नोटिस भेजकर डिग्रियां दिखाने के लिए कहा था। इस बीच पीडी मखीजा नामक व्यक्ति ने अपनी डिग्री बीसीएमओ कार्यालय को अभी तक भी पेश नहीं की। इसलिए इसे नीम हकीम ही माना जा सकता है।