भजनलाल सरकार पेपर लीक प्रकरण मामलों को लेकर एक्शन में नजर आ रही है। गुरुवार को सुबह करीब 4 बजे से जेईएन भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अरेस्ट आरोपी हर्षवर्धन मीणा के मकान से पेपरों के भारी संख्या में दस्तावेज जब्त कर कब्जे में ले लिए हैं।
दौसा के आगरा रोड स्थित गोविंददेवजी मंदिर के सामने 60 फीट रोड स्थित हर्षवर्धन मीणा के दो ठिकानों पर जयपुर एसओजी की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा के नेतृत्व में दबिश की कार्रवाई करते हुए कई परीक्षाओं के पेपरों सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनमें लीक किए गए पेपरों, बिजली के बिल सहित अन्य कागजात जुटाए गए। स्पेशल टीम ने सब कागजात जब्त कर मकान को सील किया है।
दौसा जिले में एसओजी की कार्रवाई की सूचना लगते ही कॉलोनी में सनसनी मच गई। मकान में रह रहे लोग गायब हो गए। पटवारी हर्षवर्धन मीणा का यह मकान संदिग्ध गतिविधियों के लिए माना जाता है। कथित बाबा के प्रवचन के नाम पर भारी भीड़ कई महीनों से यहां एकत्रित हो रही थी। स्थानीय लोगों के लिए प्रवेश वर्जित है। राजस्थान के अलावा अन्य प्रदेशों के लोगों की भीड़ भी यहां रात को आती थी। जहां-जहां टेंट और प्रवचन के लिए बाबा को बैठने की गद्दी बनी हुई है। बाबा के नाम पर रहस्यमय गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
मकान के बाहर एक बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है कि बाबा अब यहां प्रवास पर नहीं है। डॉक्टरों की सलाह पर स्वास्थ्य लाभ के लिए गए हुए हैं। हर्षवर्धन मीणा का दूसरा ठिकाना उसके भाई का मकान बताया जा रहा है। वह मकान भी रहस्यमय बताया गया है। यहां एक भैंस बंधी हुई है। सुबह शाम एक महिला भैंस का दूध निकालने और दोपहर में उसे पानी चारा के लिए आती है, लेकिन उस मकान में अब कोई नहीं रहता।
जेलर का बेटा पटवारी हर्षवर्धन वो शातिर है जो खुद का पटवारी का काम डमी से काम कराता था। शातिर अब तक करीब 500 लोगों को नौकरी दिला चुका है। 20 लोग तो इसके परिवार के ही हैं। 24 जनवरी को इसके महुआ स्थित आवास पर छापा मारा गया था। यहां ताला लटका हुआ मिला था। एसओजी द्वारा पेपर लीक के राजेंद्र यादव समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों और रिश्तेदारों के अड्डों पर कार्रवाई की गई है। SGO की मानें तो। महवा में हर्षवर्धन मीणा के ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
SOG की टीमों ने जयपुर के करधनी, वैशाली नगर, झोटवाड़ा और चित्रकूट इलाके में कार्रवाई हुई है। सुबह एसओजी की 14 टीमों ने एक साथ दबिश दी। जेईएन भर्ती परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं के भी हर्षवर्धन ने पेपर लीक किए थे। SOG की कार्रवाई में स्थानीय पुलिस को दूर रखा गया है। दौसा की पुलिस को इस SOG की कार्रवाई की भनक तक नहीं लगने दी।
भरतपुर में SOG की टीम ने हर्षवर्धन के ससुराल में छानबीन की, कागजात किए जब्त
हर्षबर्धन की उच्चैन तहसील के गांव मिलकपुर में ससुराल है। कागजों को जब्त करने के बाद SOG की टीम जयपुर के लिए रवाना हो गई। SOG के DSP शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि, ATS और SOG के एडिशनल DG बीके सिंह ने निर्देश दिए कि नकल प्रकरण में पकड़े गए आरोपियों के आवास और ठिकानों पर एक साथ रेड का प्लान था। इसके बाद एक टीम आरोपी की ससुराल आई है। इसके लिए पहले कोर्ट से पहले सर्च वारंट लिया गया। उसके बाद आरोपी के साले मनोज कुमार मीणा को बुलाया गया। जिसके बाद घर की तलाशी ली गई। कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज हैं। उनकी जांच की जाएगी। जिन्हें जब्त कर लिया गया है। दरअसल JEN पेपर लीक में मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें पेपर लीक के मास्टर माइंड हर्षबर्धन कुमार मीणा के ठिकानों और आवासों पर छापेमारी की गई।