दौसा जिले के लालसोट थाना क्षेत्र के ग्राम भावता में जहां शादी का माहौल अभी खत्म भी नहीं हुआ था, वहीं अचानक उस घर में मातम छा गया। योगेंद्र गुर्जर का विवाह 25 अप्रैल 2026 को हुआ था। शादी के महज कुछ दिन बाद ही सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। दुल्हन के हाथों की मेहंदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था कि वह विधवा हो गई। घटना के बाद मायके और ससुराल दोनों जगह मातम पसरा हुआ है।
खेत से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
भांवता निवासी विजेंद्र प्रजापत ने बताया कि योगेंद्र गुर्जर चाकसू से रामसिंहपुरा धौली स्थित अपने खेत से पशुओं के लिए तूड़ा लेने मोटरसाइकिल से जा रहा था। इसी दौरान लालसोट की ओर से तेज गति से आ रही आइसक्रीम से भरी एक पिकअप ने बर्फी रेस्टोरेंट के सामने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
जयपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
दुर्घटना के बाद हाइवे एंबुलेंस की मदद से योगेंद्र को उपचार के लिए लालसोट जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मेडिकल टीम द्वारा पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
गांव में गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
दोपहर में गांव में गमगीन माहौल के बीच योगेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और परिवार की हालत देखकर लोग भावुक हो उठे।
हादसे के बाद चालक मौके से फरार
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने घायल योगेंद्र को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
परिवार का इकलौता सहारा था योगेंद्र
योगेंद्र गुर्जर फुटवियर की दुकान पर काम कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। करीब नौ महीने पहले उसके छोटे भाई भारद्वाज चंदराव सिंह की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। लगातार दूसरी दुर्घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक की मां और पत्नी मनीषा का रो-रोकर बुरा हाल है। दुल्हन मनीषा के हाथों की मेहंदी का रंग भी अभी फीका नहीं पड़ा था कि यह दुखद हादसा हो गया। अचानक हुई इस घटना से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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आर्थिक संकट में घिरा परिवार
परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर बताया जा रहा है। घर में बुजुर्ग माता-पिता हैं और योगेंद्र ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। परिवार के पास रहने के लिए केवल एक छोटा-सा टीनशेड का घर है। योगेंद्र की मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट भी गहरा गया है।