कहते हैं जेल की दीवारें सुरक्षा के लिए ऊंची होती हैं, लेकिन दौसा की सेंट्रल जेल श्यालावास में शनिवार को हुई तलाशी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। जेल में प्रतिबंधित सामान होने की सूचना पर पुलिस ने अचानक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान बाथरूम के पास जमीन में दबा एक थैला मिला। उसके अंदर प्लास्टिक के डिब्बे में 556 ग्राम गांजा, एक स्मार्टफोन और स्मोकिंग रोल बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
150 जवानों ने जेल को घेरकर चलाया तलाशी अभियान
पिछले कई दिनों से श्यालावास जेल में मोबाइल और गांजा होने की सूचना मिल रही थी। यह इनपुट जेल डीजी अशोक राठौड़ तक पहुंचा। इसके बाद उन्होंने रेंज आईजी जयपुर राहुल प्रकाश को इसकी जानकारी दी और अचानक तलाशी की योजना बनाई गई। शनिवार शाम लालसोट एएसपी विनोद सीपा के नेतृत्व में दौसा पुलिस के करीब 150 जवानों ने जेल को चारों तरफ से घेर लिया। तलाशी की जानकारी पहले से किसी को नहीं दी गई थी। पुलिस ने बैरक, बाथरूम, शौचालय, रसोई समेत जेल के अलग-अलग हिस्सों की गहन तलाशी ली।
नम जमीन खोदी तो मिला पॉलिथीन का थैला
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर बाथरूम के पास जमीन के एक हिस्से पर पड़ी। जमीन कुछ उखड़ी हुई और नम दिखाई दे रही थी। पुलिस ने वहां खुदाई की तो पॉलिथीन का एक थैला मिला। थैले के अंदर प्लास्टिक का डिब्बा रखा था। डिब्बा खोलने पर उसमें गांजा मिला। पुलिस के अनुसार, डिब्बे से 556 ग्राम गांजा, एक स्मार्टफोन और स्मोकिंग रोल बरामद किए गए। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है।
एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, मोबाइल की होगी जांच
बरामदगी के बाद पापड़दा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी राहुवास थानाधिकारी सुरेश कुमार को सौंपी गई है। लालसोट एएसपी विनोद सीपा ने बताया कि 556 ग्राम गांजा बरामद होना गंभीर मामला है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा और मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचे। इसमें किसी गिरोह की भूमिका थी या नहीं और जेल स्टाफ की मिलीभगत अथवा लापरवाही रही या नहीं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी।
जेल डीजी बोले- स्टाफ की भूमिका मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
जेल डीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि जेल में प्रतिबंधित सामग्री होने की सूचना मिलने के बाद तलाशी कराई गई थी। उन्होंने कहा कि अगर जांच में जेल स्टाफ की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले भी मिल चुके हैं मोबाइल और गांजा
श्यालावास जेल में प्रतिबंधित सामान मिलने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले एक साल में चार-पांच बार मोबाइल, बीड़ी और गांजा मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर बार मामला दर्ज कर जांच की गई, लेकिन जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान पहुंचने को लेकर सवाल बने हुए हैं। इस बार करीब 15 फीट ऊंची दीवार, सीसीटीवी, जैमर और सख्त चेकिंग व्यवस्था के बावजूद जमीन में दबाकर गांजा और मोबाइल पहुंचाए जाने की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सामान बाहर से जेल परिसर में पहुंचाया गया, किसी मुलाकाती के जरिए आया या किसी अन्य माध्यम से अंदर पहुंचा।
मोबाइल से किन लोगों से हुआ संपर्क, होगी जांच
जेल में मोबाइल मिलने को भी पुलिस गंभीर सुरक्षा चूक के तौर पर देख रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद मोबाइल का इस्तेमाल किसने किया और इससे किन-किन लोगों से संपर्क किया गया। फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल को एफएसएल भेजने की तैयारी कर रही है। फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल के जरिए मोबाइल से हुए संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके आधार पर जेल के अंदर और बाहर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।