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Dausa: बुजुर्ग पेंशनर्स परेशान, ई-केवाईसी में फंसी राहत, इधर-उधर भटकने को हुए मजबूर

Sun, 11 Jan 2026 11:28 AM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

दौसा जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स को ई-केवाईसी प्रक्रिया में कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाथों की रेखाओं का बायोमैट्रिक में न आना और कमजोर दृष्टि के कारण आंखों की स्क्रीनिंग न होना मुख्य कारण हैं।
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पेंशन को लेकर बुजुर्ग हुए परेशान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दौसा जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अब बुजुर्गों, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि बुजुर्गों के हाथों की रेखाएं बायोमैट्रिक में स्कैन नहीं हो रही हैं, वहीं आंखों की स्क्रीनिंग भी कमजोर दृष्टि के कारण पूरी नहीं हो पा रही है। इसी वजह से उनका वार्षिक सत्यापन नहीं हो पा रहा और पेंशन रुकने का खतरा मंडरा रहा है। जिले में योजना के तहत कुल 2,05,031 पेंशनर्स पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक केवल 76.13 प्रतिशत लोगों की ई-केवाईसी पूरी हो पाई है।

शेष 48,938 पेंशनर्स की ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी तक ई-केवाईसी न कराने पर उनकी पेंशन बंद हो सकती है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान ई-मित्र और जनसेवा केंद्रों पर बार-बार स्क्रीन पर एरर मैसेज आने से बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स खासे परेशान हैं। तकनीकी खामियों और डेटा मिसमैच के कारण कई पेंशनर्स को कई बार केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ई-केवाईसी न होने से पात्र लोगों की चिंता भी साफ देखी जा सकती है।

जिले में ई-केवाईसी की प्रगति सभी क्षेत्रों में समान नहीं रही। आंकड़ों के अनुसार नांगल राजावतान क्षेत्र में सबसे कम, केवल 65.98 प्रतिशत पेंशनर्स की ई-केवाईसी हुई है। वहीं, रामगढ़ पचवारा क्षेत्र में सबसे अधिक प्रगति हुई है, यहां 84.75 प्रतिशत पेंशनर्स की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।

ई-मित्र संचालक बादल शर्मा ने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान आधार प्रमाणीकरण में समस्या आ रही है। स्क्रीन पर “बायोमेट्रिक मिसमैच” जैसे संदेश आने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। कई केंद्रों पर फिंगरप्रिंट मशीन से एरर आ रहे हैं, खासकर बुजुर्ग पेंशनर्स की उंगलियों के निशान कमजोर होने के कारण बायोमैट्रिक फेल हो रहा है। सर्वर और नेटवर्क की समस्या भी बनी हुई है। पोर्टल पर ज्यादा लोड होने और आधार सर्वर से कनेक्शन न बनने के कारण कई बार प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। आधार से मोबाइल नंबर लिंक न होने या नेटवर्क कमजोर होने के कारण ओटीपी समय पर नहीं मिल पा रहा।

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केस-1: 95 वर्षीय शांति देवी शर्मा ने बताया कि उनके बायोमैट्रिक सत्यापन में समस्या के कारण सात महीने से पेंशन बंद है। वह कई बार ई-मित्र केंद्र पर गईं, लेकिन सत्यापन नहीं हो सका।

केस-2: 85 वर्षीय श्रंगारी देवी ने अपनी आंखों की सर्जरी करवाई है, लेकिन पिछले एक साल से पेंशन सत्यापन में परेशानी हो रही है। आंखों की स्क्रीनिंग न होने के कारण पेंशन चालू नहीं हो रही।

केस-3: 80 वर्षीय रज्जो देवी की सितंबर से पेंशन बंद है। उनके हाथों की अंगुलियां बायोमैट्रिक में नहीं आ रही हैं और आंखों की स्क्रीनिंग भी पूरी नहीं हो पा रही।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रामराज मीणा ने बताया कि शेष पेंशनर्स समय रहते अपने निकटतम ई-मित्र, जनसेवा केंद्र या संबंधित विभागीय कार्यालय में जाकर ई-केवाईसी कराएं। समस्या होने पर सामाजिक न्याय विभाग या उपखंड कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। साथ ही ई-मित्र संचालकों को अपडेटेड डिवाइस और बेहतर नेटवर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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