दौसा के नीलकंठ महादेव मंदिर में हुई चोरी का पर्दाफाश हुआ है। दो अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों के नाम विक्रम और रोडमल हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए चोरों की पहचान की।
दौसा जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला दौसा शंकरलाल के निर्देश पर वृत्ताधिकारी वृत दौसा कालूराम मीना के सुपरविजन में थानाधिकारी पुलिस थाना दौसा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई की। 21 जनवरी 2024 को परिवादी रोशन जोशी पुत्र स्वर्गीय केदार प्रसाद जोशी निवासी जोशी कॉलोनी बस स्टैंड के सामने दौसा ने दौसा थाने में 20-21 जनवरी की मध्यरात्रि को किन्हीं अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नीलकंठ महादेव मंदिर में पहुंचकर दानपात्र को तोड़कर धनराशि चोरी कर ली गई। मंदिर के शीशे की खिड़की को तोड़ दिया आदि रिपोर्ट पर प्रकरण पंजीबद्ध कर अनुसंधान शुरू किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की वारदात का खुलासा कर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दौसा थाना की डीएसटी दौसा व साइबर टीमों का गठन किया गया।
इन टीमों द्वारा नीलकंठ महादेव मंदिर समेत करीब 80-90 कैमरे के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर तकनीकी संसाधनों की भी मदद लेकर घटना स्थल व संदिग्धों का बारीकी से निरीक्षण किया गया तो कुछ व्यक्तियों पर संदेह होने पर कई स्थानों भांडारेज, रामपुरा, खवारावजी, राणोली व खान भांकरी में दबिश दी, तब जाकर अभियुक्त डिटेन हो पाए। इसमें पुलिस ने संदिग्ध विक्रम व रोडमल बावरिया को डिटेन किया गया। डिटेन शुदा आरोपीगण से गहनता से पूछताछ की गई तो 20-21 जनवरी की रात को नीलकंठ महादेव मंदिर में वारदात करना स्वीकार किया। गिरफ्तार शुदा अभियुक्त शातिर चोर हैं, जिनसे चोरी किये गये माल व अन्य वारदात के बारे में जांच जारी है। साथ ही अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना बनी हुई है।
दौसा एसपी वंदिता राणा का कहना है कि नीलकंठ मंदिर में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने चोरों को तो गिरफ्तार कर लिया। लेकिन बरामदगी के प्रयास लगातार जारी हैं। यानी बरामदगी के पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। अब इस मामले में देखने वाली बात यह होगी कि क्या चोरों को पकड़ कर इतिश्री कर ली जाती है या फिर दौसा कोतवाली पुलिस कुछ बरामद की भी कर पाएगी।