दूध बेचने वाले ने लौटाए शिक्षक के डेढ़ लाख रुपये
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राजस्थान के दौसा में 50 हजार नगद नोटों से के भरा और एक लाख रुपए के चेक समेत एक बैग दूधिये को मिला। जिसे दूध वाले ने लौटा कर एक बार फिर इस बात को साबित कर दिया है कि ईमानदारी अभी जिंदा है।
कहा जाता है कि कलियुग में सब कुछ बदलता जा रहा है। लोग अपना ईमान भी कहीं ना कहीं डगमगाते और खोते जा रहे हैं। लेकिन आज भी ईमानदारी की कई मिसालें हैं। ईमानदारी आज भी जिंदा है। इसकी मिसाल दौसा में एक दूध बेचने वाले युवक ने पेश की है। दौसा जिले के बांदीकुई के युवक ने ईमानदारी परिचय दिया है। युवक रेहड़िया के समीप नांगल दासा का रहने वाला सुमेर सिंह गुर्जर है। जिसे रास्ते में नोटों से भरा हैंड बैग मिला। जिसमें 50 हजार रुपए नगद और एक लाख रुपये का चैक था। यह बैग सरकारी स्कूल के शिक्षक का था। मिले हैंड बैग में 50 हजार रुपये और चैक को लौटाकर दूधिये ने ईमानदारी का परिचय देकर एक मिसाल पेश की है।
कौन है दूध बेचने वाला सुमेर सिंह गुर्जर, जानिए
युवक सुमेर सिंह गुर्जर बांदीकुई के आसपास क्षेत्र में दूध बेचने ने कार्य करता है। शिक्षक छुट्टन लाल मीणा मुंडघिस्या में सेकेंड ग्रेड के पद कार्यरत हैं। सोमवार को रेलवे कालोनी में स्पीड ब्रेकर पर उनका हैंड बैग गिर गया था। पीड़ित के अनुसार काफी ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन बैग नहीं मिलने पर पुलिस में परिवाद दिया। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। आसपास क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए । युवक सुमेर सिंह गुर्जर ने बाजार में एक मिठाई की दुकान पर सूचना देकर बताया था कि एक पैसों से भरा बैग किसी राहगीर का गिरा गया है। जिसे आज दूध बेचने वाले युवक सुमेर सिंह ने शिक्षक का लौटा दिया।