जयपुर साहित्य महोत्सव में इस बार विशेष अतिथि के तौर पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा भी आयेंगे। साहित्य महोत्सव की थीम इस बार 'द बुद्वा इन लिटरेचर' रखी गई है। इसमें बौद्व धर्म के दर्शन और आध्यात्म पर प्रभाव की चर्चा की जायेगी।
24 जनवरी से शुरू हो रहे इस महोत्सव में बुद्व पर विभिन्न सेशन आयोजित किये जायेंगे। इसी कड़ी में 26 जनवरी को दलाई लामा 'किनशिप ऑफ फेथ्स : फाईंडिंग द मिडल वे' विषय पर पिको अय्यर के साथ चर्चा करेंगे। थीम के संबंध में महोत्सव के सह निदेशक का कहना है कि अब तक महोत्सव सूफी और भक्ति परंपरा पर केंद्रित होता था, लेकिन इस बार हम बौद्व साहित्य को जानने का आनंद उठायेंगे।
दलाई लामा के अलावा इस विषय पर चर्चा के लिये विक्टर चान, कर्मा उरा, सिद्दकी वहीद, रंजीनी ओबेयेसेकेरे, नयनज्योति लाहीरी और बेनॉय बहल भी उपस्थित रहेंगे। साथ ही प्रसिद्व बंगाली लेखिका महाश्वेता देवी भी इस साहित्य महोत्सव में पहली बार उपस्थिति होंगी।
इसके अलावा पिछले साल जयपुर साहित्य महोत्सव पर सलाम रूश्दी की प्रतिबंधित किताब ‘सैटेनिक वर्सेज’ के संबंध में हुये विवाद के फिर से उठने के आसार हैं। एक मुस्लिम संगठन ने चेतावनी दी है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लेखकों को आमंत्रित न किया जाए। इन लेखकों में वह चार लेखक भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल सलमान रुश्दी की प्रतिबंधित किताब ‘सैटेनिक वर्सेज’ के विवादित अंश पढ़े थे।