पाकिस्तान के 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को ध्वस्त किए जाने की खबर को लेकर श्रीगंगानगर में शुक्रवार को आक्रोश देखने को मिला। भाजपा और सर्व समाज के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को सिख समाज की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा हमला बताते हुए पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
'यह केवल इमारत नहीं, करोड़ों सिखों की आस्था पर हमला'
पूर्व विधायक शिमला बावरी ने कहा कि किसी ऐतिहासिक गुरुद्वारे को ध्वस्त करना केवल एक धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की भावनाओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं धार्मिक सहिष्णुता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सरपंच राकेश बावरी ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर सिख और हिंदू समाज के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर हमला मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
पुनर्निर्माण और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
रामगढ़िया समाज के अध्यक्ष गब्बर सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराना स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान सरकार दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दे, ऐतिहासिक गुरुद्वारे का शीघ्र पुनर्निर्माण करवाए और देश में मौजूद सभी सिख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
‘धार्मिक विरासत की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी’
गुरुद्वारा सिख सभा घड़साना के प्रधान थाना सिंह ने कहा कि सिख समाज इस घटना से बेहद आहत है। उन्होंने कहा कि धार्मिक विरासत की सुरक्षा हर सरकार की जिम्मेदारी है और पाकिस्तान सरकार को इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर विश्व समुदाय के सामने अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और सिख समाज के लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह के हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से भी मामले का संज्ञान लेकर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।
यह भी पढ़ें:
दलित नाबालिग से जंगल में की बर्बरता! मारपीट करने वाले दो मुख्य आरोपी धराए; पुलिस ने निकाला जुलूस
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखूपुरा जिले के फारूकाबाद में स्थित करीब 125 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री गुरुद्वारा सिख सभा साहिब को ध्वस्त किए जाने की खबर सामने आने के बाद विश्वभर के सिख समुदाय में रोष व्याप्त है। इस घटना को लेकर भारत सहित कई स्थानों पर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।