जालौर जिले के अतिरिक्त जिला कलेक्टर पीएस नागा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरएएस अधिकारी पीएस नागा पर जोधपुर विकास प्राधिकरण का सचिव रहते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप है।
यह कार्रवाई एसीबी में एसपी अजयपाल लांबा के नेतृत्व में गठित टीम ने की। आईजी वीके सिंह के मुताबिक वर्ष 2014 में जोधपुर विकास प्राधिकरण में भारी वित्तीय गड़बड़ियों के मुकदमें दर्ज हुए थें। इनमें एक मुकदमे में तत्कालीन सचिव और वर्तमान में जालौर एडीएम के पदस्थापित पीएस नागा भी नामजद है। लंबे अरसे तक चले अनुसंधान के बाद जोधपुर एसीबी की टीम शुक्रवार को जालौर पहुंची और वहां तैनात एडीएम पीएस नागा को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
सिंह के अनुसार, जेडीए के करीब दो दर्जन मामलों में वित्तीय गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। इनमें ज्यादातर में शिकायतें यह थी कि कम कीमत के सामान को महंगी दरों पर खरीदा गया। उसका कमीशन अधिकारियों ने अपने हिस्से में ले लिया। वहीं जो सामान खरीदा ही नहीं गया या फिर जो काम हुए ही नहीं, उनका भी भुगतान उठा लिया गया। ऐसे में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार वहां किया गया। जिसके मुकदमे एसीबी जोधपुर में दर्ज किए गए। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में कई और गिरफ्तारियां अभी हो सकती है।