अजमेर की घूघरा स्थित हाई सिक्यूरिटी जेल में पिछले एक सप्ताह से चल रही भूख हड़ताल के कारण हार्डकोर बंदियों की हालत बिगड़ने लगी है। इनमें से 13 बंदियों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। प्रशासन ने भूख हड़ताल कर रहे बंदियों के दबाव में न आने और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी फैसला लिया है।
कलेक्टर गोयल ने अधिकारियों को हार्डकोर अपराधियों द्वारा नाजायज मांगों के लिए बनाए जा रहे दबाव के लिए ब्लेकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गोयल ने बताया कि हार्डकोर अपराधियों से समझाइश करने के बावजूद वह हठधर्मिता पर अड़े हुए हैं। अपराधी बेवजह जेल प्रबंधन पर लाछंन लगा रहे हैं जो कि न्यायसंगत नहीं है।
इससे पहले हाई सिक्यूरिटी जेल में भूख हड़ताल पर बैठे 13 बंदियों की तबीयत रविवार को खराब हो गई। जेल प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच जेएलएन अस्पताल में कैदियों का मेडिकल मुआयना करवाया। जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। वहां बंदियों ने मीडिया को देख जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जानकारी के मुताबिक जिनकी तबियत बिगड़ी, उनमें दातारसिंह,आतिश गर्ग, उदयसिंह, सूरज गुर्जर,अरविंद,आजाद आैर सोमपाल और अन्य हार्डकोर बंदी है। बंदियों का आरोप है कि उन्हें नियम विरुद्ध सामान्य जेल से हाई सिक्यूरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है। जेल में मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
मनोरंजन कक्ष बनाने आैर उसमें टीवी लगाने, सामान्य अपराध के कैदियों को हाई सिक्यूरिटी जेल में रखने की बजाय ऐसे सामान्य जेल में शिफ्ट करने आदि की मांग है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि हाई सिक्यूरिटी जेल से सामान्य जेलों में कैदियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया के लिए समीक्षा 10 मार्च को होगी, लेकिन कैदियों की मांग है कि समीक्षा के मापदंड बदले जाने चाहिए।