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Crime: जेल से छूटते ही निलंबित ASP दिव्या मित्तल फिर गिरफ्तार, ACB के बाद अजमेर SOG ने NDPS केस में पकड़ा

Sat, 01 Apr 2023 06:30 PM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

घूसखोरी मामले में राजस्थान की निलंबित एएसपी दिव्या मित्तल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आते ही एक बार फिर से गिरफ्तार हो गई हैं। अजमेर एसओजी टीम ने उन्हें पकड़ा है। जिस केस की मित्तल ने जांच की थी, उसी में उन्हें आरोपी बनाया गया है।
 
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जेल से छूटते ही निलंबित ASP दिव्या मित्तल फिर गिरफ्तार, ACB के बाद अजमेर SOG ने NDPS केस में पकड़ा। - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार
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नशीली दवाओं से जुड़े मामले में एक दवा फर्म संचालक से 2 करोड़ रुपए की घूस मांगने के केस में निलंबित चल रहीं एसीपी दिव्या मित्तल जेल से छूटते ही फिर गिरफ्तार कर ली गई हैं। कोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद ही उन्हें शनिवार को अजमेर जेल के बाहर से एसओजी ने फिर से गिरफ्तार कर लिया।  एसओजी में एनडीपीएस के तीन प्रकरणों में दिव्या ने सही तरीके से जांच नहीं की बताई। इसी के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया है। एनडीपीएस के मामले में एसओजी के अधिकारी ही उनसे अब पूछताछ करेंगे। इससे दिव्या मित्तल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
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एनडीपीएस की 3 फाइलों के संबंध में पूछताछ करेगी एसओजी

राजस्थान एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि दिव्या मित्तल के खिलाफ अब तक एसओजी में कोई शिकायत दर्ज नहीं है। लेकिन क्योंकि दिव्या के पास एनडीपीएस प्रकरण संबंधी 3 फाइलें थीं। जिनकी जांच वह काफी समय से कर रही थीं। इन फाइलों में मित्तल की ओर से जांच में गड़बड़ी करना पाया गया है। इसलिए एनडीपीएस एक्ट के तहत जांच अधिकारी दोषी होता है। दिव्या मित्तल को अजमेर जेल के बाहर से गिरफ्तार किया गया है। उनसे प्रकरण की तीनों फाइलों को लेकर जांच के संबंध में पूछताछ की जाएगी।

100 दिन बाद अजमेर जेल से बाहर आई थीं मित्तल

निलंबित एसीपी दिव्या मित्तल 100 दिन बाद अजमेर जेल से शनिवार को जमानत पर बाहर आई थीं। शुक्रवार को ही उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। एडवोकेट प्रीतम सोनी ने बताया कि हाईकोर्ट जस्टिस सीके सोनगरा की बेंच ने 1 लाख रुपए के मुचलके पर मित्तल को जमानत देने के आदेश दिए थे। लेकिन जेल से बाहर आने पर फिर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
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क्या है पूरा मामला ?

जयपुर ACB टीम ने 2 करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में अजमेर में 16 जनवरी को SOG की ASP दिव्या मित्तल को हिरासत में लिया था।  मित्तल को एसीबी टीम अजमेर से जयपुर लाई थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।  मादक पदार्थ तस्करी के मामले में हरिद्वार की फार्मा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार नहीं करने की एवज में बर्खास्त पुलिसकर्मी सुमित कुमार के माध्यम से यह घूस दिव्या मित्तल ने बतौर एएसपी मांगी थी। अजमेर के रामगंज थाने में दो और अलवर गेट थाने में एक यानी कुल तीन एफआईआर नशीली दवाओं की तस्करी मामले में दर्ज की गई थीं। तीनों मामलों में देहरादून स्थित दवा कंपनी हिमालय मेडिटेक के डायरेक्टर सुनील नंदवानी को आरोपी बनाया था। दिव्या ने नंदवानी को अलवर गेट थाने में दर्ज मामले में कमजोर धाराओं में गिरफ्तार किया था। जब नंदवानी ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, तो दिव्या ने कोर्ट से तथ्य छिपाया कि वह अन्य क्लब किए गए मामलों में भी आरोपी है। इस तरह नंदवानी ने हाईकोर्ट से 15 दिन बाद ही आसानी से जमानत ले ली। इस मामले में दिव्या मित्तल ने 1 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी।

जेपीईई ड्रग्स के विकास अग्रवाल से भी 2 करोड़ की घूस मांगी

एसीबी की ट्रैप कार्रवाई से पहले दिव्या मित्तल ने हरिद्वार में दवा फैक्ट्री जेपीईई  ड्रग्स के मालिक विकास अग्रवाल से भी 2 करोड़ की रिश्वत की डिमांड की थी।  नशीली दवाओं की सप्लाई में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद दिव्या की धमकियों से परेशान होकर विकास अग्रवाल ने एसीबी में शिकायत कर दी। विकास अग्रवाल ने  सुनील नंदवानी के भाई संजय नंदवानी से मोबाइल पर करीब 19 मिनट और 4 सेकेंड की बातचीत की। जिसमें संजय नंदवानी ने विकास अग्रवाल से दिव्या को लेकर कई बड़े खुलासे किए और माना कि बार-बार की धमकियों और टॉर्चर से परेशान होने के बाद उसने दिव्या के बताए मुताबिक पुष्कर स्थित एक होटल में 1 करोड़ रुपए की रिश्वत दी थी, तब उसके भाई सुनील नंदवानी की जमानत हो सकी। 

दिव्या के उदयपुर रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला चुका प्रशासन

लगभग एक महीने पहले दिव्या मित्तल के उदयपुर स्थित रिसोर्ट पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया था। तब बताया गया कि दिव्या मित्तल ने यूआईटी से उदयपुर शहर से करीब 25 किमी दूर चिकलवास गांव में फॉर्म हाउस के लिए जमीन की मंजूरी ली थी, लेकिन यहां रिसोर्ट बनाकर कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। इस पर यूआईटी ने पहले नोटिस देकर जवाब मांगा, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर यूआईटी टीम ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी। 
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