चचेरे भाइयों ने जमीन हड़पने के लिए अपने ही भाई का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया। मामला प्रशासन गांवों के संग शिविर तक पहुंचा, जहां तहसीलदार ने हाथों-हाथ म्यूटेशन खारिज कर दिया। पीड़ित ने रामदेवरा थाने में 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
जैसलमेर के छायण गांव के रहने वाला भंवर सिंह मंगलवार को नाचना में आयोजित शिविर में पहुंचा। यहां उसने अधिकारियों को बताया कि छायण गांव में उसकी जमीनी है। उसके चाचा आसू सिंह के बेटे-बेटियों ने मेरी जमीन हड़पने के लिए षड़यंत्र रचा। उन्होंने 1 जून 2015 को छायण के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी चौथाराम भील से मिलकर मेरा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया।
गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र करवाया तैयार किया
भंवर ने बताया कि चाचा आसूसिंह के यहां एक बेटे का जन्म हुआ था। लेकिन उसकी मौत हो गई थी। लेकिन उसका नाम नखत सिंह था। उसके बाद आसू सिंह के यहां सांग सिंह और झब्बरसिंह सहित अन्य 4 पुत्रियों का जन्म हुआ। चचेरे भाइयों ने इसका फायदा उठाया और अपने भाई के नाम की जगह उन्होंने मेरा नाम लिख दिया और जमीन हड़पने की कोशिश की।
तहसीलदार ने म्यूटेशन किया खारिज
शिविर प्रभारी अनिल जैन के निर्देशानुसार नाचना तहसीलदार रतन भवानी ने तत्काल प्रभाव से म्यूटेशन खारिज कर दिया। तहसीलदार रतन भवानी ने बताया कि फर्जी व संदिग्ध दस्तावेज पेश कर 27 मार्च को म्यूटेशन भरा गया था। इसके बाद 17 अप्रैल को पीड़ित द्वारा मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था। संदिग्ध दस्तावेजों की जांच कर तथा एफआईआर पर म्यूटेशन को खारिज करने की कार्रवाई की गई है।
धोखाधड़ी के मामले की पुलिस करेगी जांच
पीड़ित भंवर सिंह ने 17 अप्रैल को रामदेवरा थाने में रिपोर्ट पेश कर सांग सिंह, झबर सिंह, फूल कंवर, नेन कंवर, सज्जन कंवर के खिलाफ फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जमीन का गलत तरीके से नामांतरण करवाने आरोप लगाया। भंवर ने रामदेवरा थाने में धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, जमीन को लेकर तहसीलदार ने म्यूटेशन खारिज कर दिया। लेकिन अब इस मामले की जांच पुलिस द्वारा की जाएगी।