राजस्थान उच्च न्यायालय ने जैन समाज की बड़ी प्रथा मानी जानेवाली संथारा प्रथा पर सोमवार को रोक लगा दी। उच्च न्यायालय ने इस प्रथा को आत्महत्या की श्रेणी में माना है।
अत: अब कोई भी संथारा नहीं ले सकेगा। फैसले के अनुसार संथारा प्रथा की कोशिश करनेवाले पर भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी की खंडपीठ ने निखिल सोनी की याचिका पर ये फैसला सुनाया।