राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के बृहस्पतिवार को 80 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 463 पहुंच गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि आज सामने आए 80 नए मामलों में 28 संक्रमित जयपुर के विभिन्न इलाकों के हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी जयपुर के 28 संक्रमित मरीजों में से पुरानी बस्ती में 11, पतंग बाजार में सात, राजगंज में चार ,सुभाष चौक-माणक चौक-सुहारो का मोहल्ला और राजपार्क के 1-1 संक्रमित मरीज शामिल है।
राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थानों और संस्थानों में थूकने पर शुक्रवार को तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि इन आदेशों की अवहेलना करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ड्यूटी के दौरान संक्रमण से मृत्यु पर कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता
राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के अभियान में तैनात किसी कर्मचारी की संक्रमण की वजह से मृत्यु होने पर उसके परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह घोषणा की है। उन्होंने ट्वीट किया- राज्य सरकार के सभी कर्मचारियों की कोरोना अभियान से संबंधित ड्यूटी पर रहते हुए कोरोना संक्रमण की वजह से असामयिक मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये की सहायता आश्रित/परिवार को दी जाएगी।
उन्होंने कहा है कि भारत सरकार ने कोरोना-महाप्रकोप में ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाने पर सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों का 50 लाख रुपये का बीमा करने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए उक्त स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा अन्य सभी राज्य कर्मचारियों (पटवारी,ग्राम सेवक,कांस्टेबल इत्यादि) को भी इसके अधीन किया है।
इसी तरह सफाई कर्मचारी व स्वास्थ्य कर्मचारी जैसे संविदा कर्मी, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आशा जैसे मानदेय कर्मचारियों को भी को कोरोना अभियान ड्यूटी पर रहते हुए कोरोना संक्रमण की वजह से असामयिक मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।