ब्यावर में एक पुलिस कांस्टेबल ने तस्करी में उपयोग हो रहे ट्रक को छोड़ने के लिए अवैध शराब के 200 कार्टून और 2 लाख रुपए ले लिए। लेकिन, मामला ज्यादा दिन तक छिप नहीं पाया। खुलासा होने पर ब्यावर एसपी नरेंद्र सिंह ने आरोपी कांस्टेबल नरेश को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच करने के आदेश भी दिए हैं।
दरअसल, शराब तस्करों के नेटवर्क में शामिल एक ट्रक ड्राइवर और खलासी ने डीजीपी, अजमेर रेंज आईजी लता मनोज और ब्यावर एसपी नरेंद्र सिंह को एक लिखित शिकायत दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि अवैध शराब से भरे ट्रक को बीते 28 जनवरी को जवाजा थाने के कांस्टेबल नरेश और उसके तीन साथियों ने रुकवाया। इस दौरान उसमें अवैध शराब बरामद की गई। कांस्टेबल नरेश ने ट्रक को जब्त करने के बजाय उसे छोड़ने के लिए 10 लाख रुपए की मांग की। लेकिन, बाद में वह 2 लाख में ट्रक छोड़ने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद उसने ट्रक में भरे अवैध शराब के 200 कार्टून भी उतार लिए। साथ ही धमकी देते हुए कहा कि अगर जेल नहीं जाना है तो मुंह बंद करके चले जाओ। शिकायतकर्ताओं ने शिकायत में बताया कि कांस्टेबल नरेश ने अपने साथी को सीकर में 2 लाख रुपए दिलाए थे।
पीड़ित चालक और खलासी ने घटना की जानकारी अपने मालिक को दी तो उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं हुआ। मालिक ने दोनों से जल्द से जल्द 15 लाख रुपये का भुगतान भुगतान करने के लिए कहा। इससे वह घबरा गए, सीकर मंडोता निवासी ट्रक ड्राइवर कैलाश चंद और खलासी दानाराम ने पुलिस अधिकारियों के सामने पूरी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद ब्यावर एसपी नरेंद्र सिंह ने आरोपी कांस्टेबल नरेश को सस्पेंड कर दिया। साथ ही मामले की जांच करने के भी आदेश दिए हैं।