कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी।
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चित्तौड़गढ़ के बेगूं से कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी ने एक एसएचओ को जमकर गालियां सुनाईं। गालियों से भरा ऑडियो अब वायरल हो रहा है। करीब 30 मिनट के इस ऑडियो में विधायक बिधूड़ी एसएचओ को 100 से ज्यादा बार गालियां देते सुनाई दे रहे हैं। इस पूरे मामले पर विधायक ने कहा कि, ऑडियो से छेड़छाड़ की गई है, मैं तो कभी गालियां देता ही नहीं हूं।
भैंसरोगढ़ थाना अधिकारी (एसएचओ ) संजय गुर्जर ने अतिक्रमण के एक मामले में विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी की मर्जी के अनुसार कार्रवाई नहीं की। इसी बात से विधूड़ी गुस्सा गए और एसएचओ के साथ जमकर गाली-गालौज किया। एसएचओ ने उनकी मर्जी की धारा जोड़ने से मना किया तो विधायक ने उसे बर्खास्त कराने की धमकी दी, और पूछा तू सरकार का काम करेगा या नहीं... मैं कहा रहा हूं... तू मेरी बात नहीं मानेगा...
ऑडियो में एसएचओ बार-बार गाली नहीं देने की गुजारिश कर रहा है, लेकिन विधायक गाली देना बंद नहीं कर रहे हैं। ऑडियो में विधायक हेमराज और संजय वधावा के केस का भी जिक्र कर रहे हैं, इस पर एसएचओ ने कहा कि जब कोई केस नहीं है तो धारा कैसे लगा दूं। एसएचओ की इस बात पर विधायक फिर नाराज हो जाते हैं और गाली देना शुरू कर देते हैं। आखिर में एसएचओ ने कहा कि मैं गालियां सुनने के लिए पुलिस में भर्ती नहीं हुआ हूं और कॉल काट देते हैं ।
एसएचओ संजय ने इस पूरे मामले की जानकारी एसपी प्रीति जैन को दी। संजय ने एसपी से कहा कि वह इन परिस्थितियों में वह काम नहीं कर सकते है। इसके बाद एसपी ने एसएचओ की मर्जी से उन्हें लाइन में भेज दिया है। संजय ने लाइन जाने से पहले विधायक बिधूड़ी के खिलाफ थाने में केस दर्ज भी कराया है। एसपी जैन ने वॉयस सैंपल की जांच कराने की बात कह रही हैं।
इधर, ऑडियो सामने आने के बाद एसएचओ को गालियां देने के मामले में भाजपा ने सरकार को घेरा है। भाजपा विधायकों ने कहा कि कांग्रेस विधायक पुलिस अधिकारी से इस तरह बात कर रहे हैं तो आम जनता का क्या होता होगा। कांग्रेस सरकार में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी का क्या होगा।
जानें...क्या है मामला
जानकारी के अनुसार लोठियाना गांव में एक व्यक्ति की कृषि भूमि है। इस पर कई साल से खेती के साथ अतिक्रमण को लेकर धारा 91 की कार्रवाई चल रही है। कुछ दिन पहले एसडीएम ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का केस भैसरोड़गढ़ थाने में दर्ज कराया था। एसएचओ पर इस केस में 420 की धारा जोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस केस के आरोपी संजय वाधवा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। माना जा रहा है कि इससे नाराज विधायक ने एसएचओ को फोन किया और धमकाने लगे।