प्रशांत किशोर भी हो सकते हैं शामिल
उम्मीद ये लगाई जा रही है कि कांग्रेस पार्टी के इस चिंतन शिविर में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी मौजूद रह सकते हैं। हालांकि, उनके कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। पार्टी के कुछ नेता अन्य राजनीतिक दलों से उनके करीबी संबंध होने के चलते इसका विरोध कर रहे हैं।
बुलाई जा सकती है महासचिवों की बैठक
सूत्रों के अनुसार तारीख और जगह तय होने के बाद भी कम से कम से 15 से 20 दिनों का समय चिंतन शिविर की तैयारियों के लिए लगेगा। उम्मीद है कि मई के मध्य में शिविर आयोजित होगा। इससे पहले महासचिवों की एक तैयारी बैठक भी बुलाई जाएगी।
पिछले दिनों कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि पार्टी चिंतन शिविर आयोजित कर पूरे देश के नेताओं को बुलाकर उनके सुझाव, हार के कारणों की समीक्षा, शिकायतों और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय करेगी।
नौ साल पहले भी राजस्थान में आयोजित हुआ था शिविर
खास बात ये है कि नौ साल पहले भी कांग्रेस का चिंतन शिविर राजस्थान में आयोजित किया गया था। इसी तरह का चिंतन शिविर साल 2013 में जयपुर हुआ था। उस समय शिविर में 2014 के लोकसभा चुनाव में जाने की तैयारियों और रणनीति को लेकर चर्चा की गई थी। तब राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। संयोग है कि तब भी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही थे। इसके साथ ही राजस्थान में एक अन्य चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान माउंट आबू में आठ से नौ नवंबर 2002 को 14 कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई थी।