केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन से जुड़ी किताब (मोदी@20:ड्रीम्स मीट डिलीवरी) की तुलना श्रीमद्भागवत गीता से की है। शेखावत ने कहा, पीएम मोदी को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा व राष्ट्रसेवा करते हुए 20 साल हो गए हैं। उनका 'आइडिया ऑफ इंडिया' आज दुनिया को हैरान कर रहा है। यह किताब पीएम के नेतृत्वकर्ता और उनकी यात्रा को चित्रित करती है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत के इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे हिंद ग्रंथ का अपमान बताया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने शेखावत पर हमला बोला है। डोटासरा ने कहा सत्ता के लालच में शर्म बेचने वालों,
सनातन संस्कृति के पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता का अपमान करके धर्म के मार्ग को कलुषित मत करो। चापलूसी की पराकाष्ठा को भी पार कर दिया इन्होंने तो। हे कृष्ण ... इन्हें सद्बुद्धि दो।
इधर, सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने कहा, पवित्र सनातन ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता की तुलना इस रूप में करना प्रभु श्रीकृष्ण का शाश्वत संदेश देती गीता का अपमान है। यह देशवासियों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला है। इससे पता चलता है आपके मन में श्रीमद्भगवद्गीता का न तो सम्मान है और न हमारे धर्मग्रंथों के महत्व की कोई जानकारी है।
क्या है मामला
दरअसल, सोमवार को झुंझनू जिले में भाजपा की ओर से इस किताब को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, कि आने वाले समय में इस किताब का महत्व गीता के बराबर होगा। पीएम मोदी ने देश के समावेशी विकास के लिए जिस लक्ष्य के साथ काम किया है, उसका असर भी दिखाई दे रहा है।