बसपा सुप्रीमो मायावती ने संविधान दिवस पर बाबा भीमराव अम्बेडकर को याद करते हुए कांग्रेस और भाजपा को दलित विरोधी बताया। दोनों पार्टियों की सरकारों ने आजादी के बाद से ही गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी वर्ग के उत्थान के लिए खास समाज कल्याण की योजनाएं नहीं चलाई हैं। इनकी सरकारों ने एससी-एसटी एक्ट को भी कमजोर किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वंचितों का सामाजिक स्तर सुधारने के लिए बाबा साहब ने लड़कर आरक्षण व्यवस्था लागू करवाई, लेकिन कांग्रेस और भाजपा ने हमेशा इस व्यवस्था के खिलाफ काम किया। उन्होंने आह्वान किया कि इस विधानसभा चुनाव में बीएसपी को वोट देकर, नौकरियों में आरक्षण को कमजोर करने वाली कांग्रेस और बीजेपी को हराएं, जिससे दोनों बड़ी पार्टियों को सबक मिल सके।
मायावती ने जयपुर के नजदीक आमेर में एनपीपी छोड़कर बसपा में शामिल हुए प्रत्याशी विधायक नवीन पिलानिया के लिए चुनाव प्रचार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों बड़ी पार्टियां दलितों की बिलकुल इज्जत नहीं करती हैं। पिलानिया ने इस सीट पर पिछली बार उनके आगे हारे भाजपा प्रत्याशी सतीश पूनिया और कांग्रेस के नए चेहरे प्रशांत शर्मा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है।