खेल सुविधाएं बढ़ाने, खिलाड़ियों को नौकरी पर फोकस
ग्रामीण ओलम्पिक्स की तर्ज पर शहरी ओलम्पिक्स खेलों का विस्तार कर दायरा बढ़ाने, ग्रामीण इलाकों में खेल स्टेडियम डवलप करने, खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स कोटा में भर्तियां निकालने, इंटरनेशनल और नेशनल खेलों में मेडल हासिल कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सुविधाएं और पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसी घोषणाएं बजट में की जा सकती हैं।
गांवों और शहरों में रोजगार की गारंटी स्कीम
इंदिरा गांधी के नाम से शुरू की गई शहरी रोजगार गारंटी योजना में फिलहाल 100 दिन के रोजगार की गारंटी नरेगा की तरह दी गई है। महिलाएं और पुरूष योजना के तहत काम करने निकल रहे हैं। 70 हजार से ज्यादा लोग इसमें लग चुके हैं। सरकार ने नरेगा में स्टेट गवर्नमेंट की फंडिंग से 25 दिन एक्स्ट्रा कर दिए हैं। शहरी रोजगार गारंटी स्कीम और नरेगा में स्टेट फंडिंग को मजबूत बनाकर इसका दायरा बढ़ाने पर सरकार का जोर रहेगा।
प्रदेशभर में किसानों को दिन में सिंचाई का पानी मिलेगा
किसानों के हित में कृषि बिजली कनेक्शन की पेंडेंसी खत्म करने, सिंचाई का पानी प्रदेश के सभी जिलों में दिन में उपलब्ध करवाने, खाद-बीज की उपलब्धता बढ़ाने, महिला और दलित अपराधों पर लगाम लगाने, एससी-एसटी, माइनॉरिटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए स्कीमों में फंड बढ़ाने पर सरकार का जोर इस बजट में रहने वाला है। राजस्थान के नहरी क्षेत्र, रेगिस्तानी इलाके और आदिवासी बाहुल्य इलाके के साथ ही पूर्वी राजस्थान के लिए कई घोषणाएं इस बजट में की जा सकती हैं।
टूटी सड़कें सुधरेंगी, ईआरसीपी को मिलेगा बजट
प्रदेश में टूटी सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क, नई सड़क बिछाने, स्टेट हाईवेज का वर्क करवाने, राजस्थान के 13 जिलों के लिए महत्वाकांक्षी ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को राज्य से बजट देने पर सीएम का जोर रहेगा।
जनता से एक और मौका मांगेंगे गहलोत
सीएम गहलोत अपनी सरकार की सोशल सिक्योरिटी , शिक्षा , स्वास्थ्य सेवाओं की योजनाओं को मजबूती के साथ जनता के सामने रखेंगे। गहलोत पिछले दिनों कह चुके हैं- ''मैं बार-बार प्रदेश की जनता से कह रहा हूं कि हमें एक मौका और दीजिए। जिससे हम काम करके बताएं। राजस्थान में हम वह फैसले कर सकते हैं, जो हिंदुस्तान में कोई नहीं कर पा रहा। नए जिलों की मांग पर भी गहलोत बजट में घोषणा कर सकते हैं।
पिछले बजट इन तारीखों को हुए पेश
सीएम गहलोत ने मौजूदा कार्यकाल में फरवरी में बजट पेश किए थे। साल 2022-23 का बजट 23 फरवरी 2022 को पेश किया था। साल 2021-22 का बजट 24 फरवरी 2021 को पेश किया। साल 2020-21 का बजट 20 फरवरी 2020 को पेश किया गया था।
यह रहा बजट का आकार
- वित्त वर्ष 2022-23 का बजट: 2 लाख 71 हजार 881 करोड़
- वित्त वर्ष 2021-22 का बजट: 2 लाख, 50 हजार 747 करोड़
- वित्त वर्ष 2020-21 का बजट: 2 लाख 25 हजार 731 करोड़
करीब 2 लाख 95 हजार करोड़ के आस-पास रहने की सम्भावना
बजट में विभागों के सालाना खर्च और योजनाओं पर होने वाले व्यय का लेखा-जोखा तैयार करने के लिए राजस्थान के वित्त-व्यय विभाग ने इस बार बजट फाइनलाइजेशन कमेटी (बीएफसी) की बैठकें भी जल्दी बुलाकर तैयारी कर ली है। पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में बीएफसी की बैठकें 18 अक्टूबर से शुरू की गई थीं, जबकि 2022-23 में इस बार यह बैठक 6 अक्टूबर से ही जारी हैं। सूत्र बताते हैं अबकी बार गहलोत सरकार का बजट करीब 2 लाख 95 हजार करोड़ के आस-पास रहने की सम्भावना है।
गहलोत बता चुके जल्द बजट पेश करने का कारण
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अक्टूबर में ही जल्द बजट पेश करने के संकेत दे दिए थे। गहलोत ने कहा था कि इस बार बजट में देरी नहीं होगी, बजट कुछ जल्दी आ सकता है। क्योंकि बाद में सबको इलेक्शन में जाना होता है। चाहे पक्ष हो या विपक्ष, सभी चाहते हैं टाइम पर बजट आए और पूरा हो। उन्होंने कहा था- मेरा अनुभव है जब-जब सरकार रिपीट नहीं हुई, तब बजट घोषणाओं और योजनाओं का इम्प्लीमेंट करने में दिक्कत हुई है।