फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bharat Jodo Yatra: क्या राहुल गांधी ने सचिन पायलट के कंधे पर हाथ रखकर दिया सियासी संदेश, वायरल हो रही तस्वीर

Tue, 06 Dec 2022 09:02 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़

सार

भारत जोड़ो यात्रा मंगलवार को झालावाड़ से शुरू हुई। इस यात्रा से दो तस्वीर सामने आई, जिसके कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। पहली तस्वीर में राहुल के साथ पायलट और गहलोत साथ-साथ चलते नजर आ रहे हैं। दूसरी तस्वीर राहुल और सचिन पायलट की है, जिसे पायलट समर्थक जमकर शेयर कर रहे हैं।
विज्ञापन
सचिन पायलट के कंधे पर हाथ रखे राहुल गांधी - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का राजस्थान में मंगलवार को दूसरा दिन है। यात्रा मंगलवार को झालावाड़ के खेल संकुल से शुरू हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की आपसी खींचतान तो जगजाहिर है लेकिन भारत जोड़ो यात्रा में सीएम गहलोत और सचिन पायलट राहुल गांधी से कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे। इस यात्रा में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई मंत्री भी शामिल हैं। 

विज्ञापन

भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान में आने से पहले सचिन पायलट और अशोक गहलोत में टकराव फिर सामने आ गया था। यात्रा में बाधा न हो, ऐसे में आलाकमान ने पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल को जयपुर भेजा और दोनों नेताओं को बयानबाजी से दूर रहने के लिए समझाया। दोनों में मन के भेद मिटे या ना मिटे लेकिन भारत जोड़ो यात्रा के बहाने गहलोत और पायलट एक मंच पर एकसाथ देखने को मिल रहे हैं। राहुल के स्वागत में आयोजित सभा में सचिन पायलट और गहलोत एक दूसरे का हाथ पकड़कर डांस करते नजर आए। अब दोनों राहुल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों की दूरियां अब कम हो रही हैं।
विज्ञापन


पायलट समर्थक जमकर शेयर कर रहे तस्वीर
झालावाड़ में भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन एक और नजारा देखने को मिला। सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और सचिन पायलट की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें राहुल सचिन पायलट के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को पायलट समर्थक जमकर शेयर कर रहे हैं। राहुल और पायलट की इस नई तस्वीर पर सियासी गलियारों में चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या राहुल कंधे पर हाथ रखकर कोई सियासी संकेत दे रहे हैं। पायलट समर्थक इसे युवा और नए नेतृत्व का इशारा मान रहे हैं। फिलहाल, राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के रहने तक तो कोई हेरफेर नहीं होगा। अब आगे सचिन पायलट और गहलोत की लड़ाई किस मोड़ पर जाती है, ये आने वाला वक्त ही बताएगा। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें