चूरू के डाबला रोड पर बीती रात गाड़ी के किराए की बात को लेकर रंजिश में एबीवीपी के पूर्व नगर मंत्री 28 वर्षीय नरेंद्र प्रजापत की डंडों और सरियों से पीटकर हत्या कर दी गई। सदर थाना में दो नामजद सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। सदर थाना पुलिस ने मृतक के शव को राजकीय भरतिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया जायेगा।
सदर थानाधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि मृतक के चाचा वार्ड 46 निवासी 45 वर्षीय प्रेमचंद प्रजापत ने रिपोर्ट दी कि बीती रात वह और उसका 28 वर्षीय भतीजा नरेन्द्र प्रजापत, सत्येन्द्र उर्फ पीपी, चन्द्रभान शर्मा, विकास जांगिड़, अर्जुन सिंह और अमजद अर्जुन सिंह की दुकान पर पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान भतीजे नरेन्द्र ने बताया कि बूंटिया निवासी अमित उर्फ मितला और बास ढाकान निवासी शुभम ढाका पिछले सात आठ दिन पहले गाड़ी किराये को लेकर मारपीट की थी। अब भी उसको जान से मारने की धमकिया दे रहे हैं। पार्टी खत्म होने के बाद बिती रात करीब साढ़े 11 ओर 12 बजे हम चूरू की तरफ रवाना हो गए। नरेन्द्र और अमजद एक बाइक पर आगे चल रहे थे। उसका चाचा प्रेमचंद्र, सत्येन्द्र उर्फ पीपी और चन्द्रभान शर्मा कार में पीछे पीछे आ रहे थे।
तभी डाबला गांव के पास काले रंग की थार गाड़ी आयी और नरेन्द्र की बाइक को गाड़ी आगे लगाकर रोक लिया। थार गाड़ी में से अमित उर्फ मितला, शुभम ढाका और चार अन्य लोग हाथ में डंडा और सरिया लेकर उतरे और नरेन्द्र पर हमला करदिया। अमित उर्फ मितला और शुभम ने नरेन्द्र को पकड़ लिया। अमित ने नरेन्द्र के सिर पर आगे से वार किया। जिससे वह नीचे गिर गया। शुभम ने डंडे से उसके सिर पर पीछे से वार किया। जब अमजद ने बीच बचाव किया तो उससे भी मारपीट की गयी। जब वह गाड़ी से तीनों नीचे उतर करआये। तब उक्त आरोपी अमित, शुभम और उसके साथी थार गाड़ीमें बैठकर भाग गये। नरेन्द्र प्रजापत को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। नरेन्द्र प्रजापत एबीवीपी का सक्रिय कार्यकर्ता रह चुका है। वर्ष 2015 में एबीवीपी का नगर मंत्री रह चुका है। इसके अलावा एबीवीपी के कार्यक्रम में नरेन्द्र प्रजापत अग्रणीय भूमिका निभालने वाला कार्यकर्ता था। वही मामले की जांच पुलिस हर पहलू से कर रही है।