राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए अब सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इसके लिए चौधरी कुम्भाराम लिफ्ट नहर के अंतर्गत 10 हजार 455 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र में 135 करोड़ रुपए से माइनरों का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन विकास कार्यों के लिए वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है। गहलोत के इस निर्णय से नहर के तहत धीरवास सब माइनर, देवगढ़ माइनर, डूंगरपुरा माइनर, मेहरासर माइनर, बिल्यू माइनर और तारानगर माइनर का निर्माण होगा। इससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
इन गांवों के ग्रामीण होंगे लाभान्वित
इससे धीरवास बड़ा, धीरवास छोटा, साहवा, दुलेरी, भनीण, डाबडी बड़ी, डाबडी छोटी, ढाणी मेघसर, ढाणी चारणान, ढाणी कुल्हरियान, कालवास, झाड़सर कांधलान, झाड़सर गंजिया, लूडणिया, देवगढ़, झाड़सर कांधलान, डुंगरपुरा, अमरासर, देवासर, मेहरासर उपाधियान, रातूसर, बिल्यूबास महियान, निमरासर, मेहरासर, तारानगर कस्बा, जिगसाना टिब्बा, जिगसाना ताल, जोरजीका बास, सेउवा, ओझरिया, मेहलाणा गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे।
गगाड़ी-ढाढणिया-आगोलाई में बिछेगी राइजिंग मेन पाइप लाइन, 28 गांवों के 37 हजार लोगों को मिलेगी राहत
राज्य सरकार ने जोधपुर की 6 ग्राम पंचायतों में सुचारू पेयजल उपलब्धता के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब गगाड़ी से ढाढणिया आगोलाई तक 49 किलोमीटर लम्बी राइजिंग मेन पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने क्षेत्रवासियों को निरंतर पेयजल के लिए वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस कार्य से 28 गांवों की 37 हजार से अधिक जनसंख्या को पेयजल सुनिश्चित हो सकेगा। ग्राम पंचायतों में उदयसर, आगोलाई, ढाढणिया सासण, ढाढणिया भायला, टुगर, भाटेलाई पुरोहितान प्रमुख हैं।