जिले के सुरवास सरकारी स्कूल में शनिवार को मध्याह्न भोजन (मिड-डे-मील) खाने से 60 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। भोजन परोसते समय खाने में छिपकली मिलने के बाद यह हादसा हुआ। दूषित भोजन खाने के कारण बच्चों में उल्टी, दस्त और घबराहट जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।
परोसते समय भोजन में दिखी छिपकली
शनिवार सुबह लगभग 11 बजे विद्यालय परिसर में बच्चे एक साथ बैठकर भोजन कर रहे थे। उसी समय जब स्कूल का एक कर्मचारी छात्र की प्लेट में खाना परोस रहा था, तभी भोजन के भीतर छिपकली दिखाई दी। छिपकली मिलने की खबर फैलते ही स्कूल में हड़कंप मच गया। इसके कुछ ही देर बाद भोजन कर चुके बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आने लगी।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह के अनुसार, स्कूल में कुल 107 बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाया था, जिनमें से 60 से अधिक बच्चों की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद बीमार बच्चों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
57 बच्चों को उपचार के बाद मिली छुट्टी
अस्पताल में भर्ती कराए गए बच्चों का डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर पुरुषोत्तम करवा ने बताया कि देर शाम तक 57 बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वर्तमान में तीन बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
चिकित्सा अधिकारियों ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है और सभी की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद स्कूल में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मिड-डे-मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल
सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ उनकी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना है। ऐसे में भोजन में छिपकली मिलने और कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना गंभीर चिंता का विषय है। इस मामले में भोजन तैयार करने, उसे सुरक्षित रखने और बच्चों को परोसने के दौरान बरती गई सावधानियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिकांश बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि तीन बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के कारणों और भोजन में छिपकली मिलने की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।