चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया गांव स्थित प्रसिद्ध श्री सांवरिया सेठ मंदिर में देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में चढ़ावा पहुंच रहा है। मंदिर के दानपात्र की पिछले आठ महीनों में हुई गणना के दौरान 60 देशों की विदेशी मुद्राएं मिली हैं। इनमें अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कई देशों की करेंसी शामिल है। इन सभी विदेशी मुद्राओं को अमेरिकी डॉलर में बदलने पर इनकी कुल कीमत करीब 62,800 अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। मौजूदा विनिमय दर के आधार पर भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 59 लाख रुपये बैठती है। विदेशी मुद्रा में इस साल अब तक सबसे ज्यादा 45,351 अमेरिकी डॉलर मिले हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से दानपात्र की नियमित गणना के दौरान अलग-अलग तारीखों पर यह विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है।
मुस्लिम बहुल देशों से भी पहुंच रहा चढ़ावा
श्री सांवरिया सेठ मंदिर में मुस्लिम बहुल देशों से भी श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ावा पहुंच रहा है। पिछले आठ महीनों के आंकड़ों के मुताबिक मंदिर के दानपात्र से यूएई के 21,485 दिरहम, ईरान के 4,68,500 रियाल और इंडोनेशिया के 1,63,000 रुपया मिले हैं।
इसके अलावा भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र के कुवैत, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन और कतर की मुद्राएं भी मंदिर के दानपात्र में मिली हैं। मंदिर के भंडार से मिली विदेशी मुद्राओं में अमेरिकी डॉलर के बाद 21,485 यूएई दिरहम, 1,310.25 कुवैती दिनार, 1,367 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और 1,630 कनाडाई डॉलर शामिल हैं।
एक दिन में मिले थे 21 हजार से ज्यादा डॉलर
मंदिर प्रशासन की ओर से समय-समय पर दानपात्र की गणना की जाती है। इस दौरान अलग-अलग तारीखों पर विदेशी मुद्रा मिली है। 16 अप्रैल को हुई दानपात्र की गिनती में एक ही बार में 21,127 अमेरिकी डॉलर मिले थे। इसी तरह 11 अगस्त को हुई गणना के दौरान 8,955 यूएई दिरहम प्राप्त हुए। फरवरी और मार्च में हुई गणना में मंदिर के खजाने से ईरान के 4,63,500 रियाल और वियतनाम के 2,29,000 डोंग भी मिले।
व्यापारी भगवान सांवरिया सेठ को मानते हैं बिजनेस पार्टनर
श्री सांवरिया सेठ मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और भक्तों की गहरी आस्था के लिए जाना जाता है। यहां खास तौर पर व्यापारी वर्ग भगवान सांवरिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर यानी व्यावसायिक साझेदार मानता है। मान्यता के अनुसार व्यापारी अपने व्यापार के कुल मुनाफे में से कुछ हिस्सा भगवान सांवरिया सेठ के नाम पर अलग रखते हैं और बाद में उसे मंदिर के दानपात्र में चढ़ाते हैं। इसी वजह से मंदिर में हर महीने बड़ी मात्रा में नकदी के साथ-साथ विदेशी मुद्रा भी चढ़ावे के रूप में आने की जानकारी सामने आती है।
आरबीआई से अधिकृत बैंकों के जरिए बदली जाती है विदेशी मुद्रा
मंदिर मंडल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिनेश चंद्र धाकड़ के अनुसार मंदिर प्रशासन विदेशी नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अधिकृत बैंकों के माध्यम से भारतीय रुपये में परिवर्तित करवाता है। विदेशी मुद्रा को भारतीय रुपये में बदलने के बाद प्राप्त राशि का इस्तेमाल मंदिर के नियमित भंडारे के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक सेवा कार्यों में किया जाता है। इस तरह श्री सांवरिया सेठ मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी पहुंचने वाला चढ़ावा मंदिर की धार्मिक मान्यता और भक्तों की आस्था को दर्शाता है।