चित्तौड़गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक की आम सभा में किसानों ने खाद की कमी और निजी दुकानों पर प्राथमिक सप्लाई का मुद्दा उठाया। सहकारिता मंत्री गौतम दक ने आश्वासन दिया कि खाद वितरण पारदर्शी होगा और भविष्य में आपूर्ति केवल सहकारी समितियों से होगी।
चित्तौड़गढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की 51वीं आम सभा शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खोर ने की, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक विशेष रूप से मौजूद रहे।
विज्ञापन
आम सभा में विभिन्न जीएसएस (ग्राम सेवा सहकारी समितियों) के अध्यक्षों और किसानों ने खाद वितरण को लेकर अपनी समस्याएं रखीं। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद की सप्लाई निजी दुकानों पर पहले भेजी जा रही है, जबकि सहकारी समितियों को पर्याप्त आवंटन नहीं हो रहा। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने खाद वितरण में पारदर्शिता की मांग की। सभा में जमीन आवंटन, जीएसएस भवनों की मरम्मत, बकाया भुगतान और समितियों के संचालन से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। कई जीएसएस अध्यक्षों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच खाद सप्लाई को लेकर बहस भी हुई।
सहकारिता मंत्री गौतम दक ने आश्वासन दिया कि खाद वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीते डेढ़ साल में इफको और कृभको से एक भी निजी खाद-बीज डीलर नियुक्त नहीं होने दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में खाद की आपूर्ति पूरी तरह सहकारी समितियों के माध्यम से की जाएगी और निजी डीलरों को समाप्त करने की दिशा में काम जारी है।
मंत्री दक ने कहा, हमारा प्रयास है कि सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाकर किसानों को प्राथमिकता से लाभ मिले। सरकार द्वारा संचालित प्रोजेक्ट्स पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सहकारी समितियां मजबूत हों। आम सभा को विधायक चंद्रभानसिंह आक्या, सुरेश धाकड़ और अर्जुन लाल जीनगर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सीकेएसबी चेयरमैन लक्ष्मण सिंह खोर ने अतिथियों का स्वागत किया और एमडी नानालाल चांवला ने सभा का संचालन किया।