चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा और बेगूं में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नदी-नाले उफान पर आने से घरों में पानी भर गया और कई गांवों का संपर्क शहर से टूट गया। रावतभाटा में एक किशोर नाले में बह गया, जिसका शव डेढ़ किलोमीटर दूर मिला।
चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा और बेगूं क्षेत्र में रविवार रात से सोमवार सुबह तक जमकर बारिश हुई। इससे नदी-नाले उफान पर आ गए और जलाशयों में पानी की आवक हुई। रावतभाटा के कई घरों में पानी घुस गया और आम रास्तों पर भी पानी बहने लगा। इस दौरान एक किशोर बह गया, जिसका शव करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मिला। मौसम विभाग से के अनुसार, भैंसरोड़गढ़ और रावतभाटा क्षेत्र में 92 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
दरअसल, सावन के पहले सोमवार को चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा क्षेत्र में आधी रात से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। रावतभाटा की निचली बस्तियों में भी पानी घुस गया है। बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही घंटों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। गली-मोहल्ले और मुख्य मार्गों पर हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। बारिश के कारण बरसाती नाले उफान पर आ गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से संपर्क टूट गया है। पानी भरने से रावतभाटा स्थित झालर बावड़ी में कई घंटे जाम की स्थिति रही। पानी में सिलेंडर बहते देखे गए। कई घरों में पानी घुस गया, जिसे निकालने के लिए लोग मशक्कत करते नजर आए। सावन की पहली बारिश ने जहां किसानों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं रावतभाटा के निवासियों के लिए यह आफत बनकर आई है।
नाले में बहे किशोर का शव डेढ़ किमी दूर मिला
रावतभाटा के वार्ड नंबर 39 में एक किशोर कचरा फेंकने के लिए घर से बाहर निकला था, तभी पैर फिसलने से वह नाले में जा गिरा। तेज बहाव के कारण वह बहते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चमला पुलिया तक पहुंच गया। दो घंटे की मशक्कत के बाद कोटा से आई एनडीआरएफ टीम ने शव को बाहर निकाला। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टर अनिल जाटव ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।