श्री सांवलियाजी मंदिर एवं चित्तौड़ दुर्ग पर उमड़ी भीड़
मेवाड़ में हरियाली अमावस्या का पर्व परंपरागत और विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। आज हरे-भरे मौसम के बीच लोगों ने दिन भर धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर समय बिताया। विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग और जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरे जिले में आस्था के सबसे बड़े केंद्र भगवान श्री सांवलिया सेठ के मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए।
हरियाली अमावस्या को लेकर जिला प्रशासन द्वारा अवकाश की घोषणा की गई थी। इसी के चलते चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने रात 10 बजे तक दुर्ग पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल ही चढ़ाई करनी पड़ी। अनुमानित तौर पर एक लाख से अधिक लोग दुर्ग तक पैदल पहुंचे। दुर्ग के प्रवेश द्वार से पहले ही बैरिकेट्स लगाए गए थे और वाहनों को रोका गया था। करीब 13 किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस ऐतिहासिक दुर्ग पर हरियाली और रिमझिम मौसम के बीच लोग पिकनिक मनाते और परिवार के साथ घूमते दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गोताखोरों को दुर्ग के प्रमुख जलाशयों पर तैनात किया गया था।
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चित्तौड़ दुर्ग के अलावा जिले के एक दर्जन से ज्यादा धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर भी भीड़ देखने को मिली। विशेषकर नीलिया महादेव, केलझर महादेव, मंगोदड़ा झरना और झरिया महादेव के झरनों पर सैलानियों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ-साथ सिविल डिफेंस के गोताखोर भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि कुछ जगहों पर जाम की स्थिति भी बनी रही।
भगवान श्री सांवलिया सेठ के मंदिर में हरियाली अमावस्या पर भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर प्रशासन के अनुसार गुरुवार रात तक पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है। दर्शन व्यवस्था के लिए कुरेठा नाका से शुरुआत की गई और श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश के लिए एक मुख्य गेट तथा निकासी के लिए पुलिस थाने के पास का एक अस्थाई गेट खोला गया। हरियाली अमावस्या के मौके पर खासतौर पर मालपुए, घेवर, गुलाब जामुन और पकौड़ी लोगों की पहली पसंद रहे। घर-घर पकवान बने तो वहीं बाजार में मिठाई की दुकानों पर भी जबरदस्त बिक्री देखी गई। कई स्थानों पर दीपावली की तरह मिठाई की दुकानें सजी थीं। जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी द्वारा सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए थे।