फर्जी मार्कशीट से चुनाव लड़ने वाली पूर्व महिला सरपंच
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चित्तौड़गढ़ जिले में फर्जी दस्तावेज से पंचायत राज चुनाव लड़ने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे ही एक मामले में फर्जी मार्कशीट से चुनाव लड़ने वाली पूर्व सरपंच को न्यायालय ने दोषी पाया है। एसीजेएम कोर्ट बेगूं के न्यायाधीश डॉ. पीयूष जैलिया ने शनिवार को फैसला सुनाया है। इसमें फर्जी मार्कशीट बनवाकर सरपंच का चुनाव लड़ने वाली पूर्व महिला सरपंच को तीन साल के साधारण कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
बेगूं उपखंड क्षेत्र के मेघनिवास पंचायत की पूर्व सरपंच रतनी बाई पत्नी पप्पू रेगर वर्ष 2016 में सरपंच का चुनाव लड़ी और विजेता रही थी। इसकी ग्रामीण बाबूलाल ने शिकायत दी थी। इस पर आरोप था कि 8वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट बनवाकर सरपंच पद पर चुनाव लड़ा था। इस पर एसीजेएम कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. पीयूष जैलिया ने मेघनिवास पंचायत की सरपंच रह चुकी रतनी बाई पत्नी पप्पू रेगर को दोषी पाया।
इसे 8वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट बनवाकर चुनाव में उपयोग लिए जाने पर धारा-420 में तीन साल का साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा-471 में दो साल का साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा-125 ए में छह महीने का साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह और 33 दस्तावेज प्रस्तुत करवाए।