निंबाहेड़ा में पदस्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) राजकुमार चौहान की पत्नी उषा चौहान का शव ट्रेन के टॉयलेट में मिलने से सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने महिला की मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया है।
जानकारी के अनुसार एडीजे राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा चौहान 4 मार्च को कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस (17606) से यात्रा कर रहे थे। दोनों का आरक्षण अलग-अलग कोच में था। पति-पत्नी राजस्थान के सोयत स्टेशन से निंबाहेड़ा के लिए ट्रेन में सवार हुए थे।
बुधवार सुबह जब ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंची तो एडीजे राजकुमार चौहान ट्रेन से उतर गए, लेकिन उनकी पत्नी कोच से बाहर नहीं आईं। काफी तलाश करने के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो एडीजे चौहान ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। इस दौरान ट्रेन निर्धारित समय पर आगे रवाना हो चुकी थी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें महिला ट्रेन से उतरती हुई नजर नहीं आईं। इसके बाद पुलिस ने उनके मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जो ट्रेन के अंदर ही मिल रही थी।
इसी बीच ट्रेन मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पहुंच चुकी थी। पुलिस ने वहां ट्रेन को रुकवाकर उस कोच की तलाशी ली, जिसमें महिला का आरक्षण था। तलाशी के दौरान कोच के टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। संदेह होने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो महिला अचेत अवस्था में मिलीं। उन्हें तुरंत जावरा के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि निंबाहेड़ा पहुंचने से कुछ देर पहले उषा चौहान ने अपने पति को फोन करके बताया था कि वे वॉशरूम जा रही हैं। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
रतलाम जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी के अनुसार डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में महिला की मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही एडीजे राजकुमार चौहान और अन्य परिजन जावरा पहुंच गए। बाद में परिजन बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव अपने साथ ले गए। महिला का अंतिम संस्कार जोधपुर में किया जाएगा।