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Chittorgarh News: रिटायर्ड एएसआई के बेटे को गोलियों से भूना, 20 मिनट में किए 60 फायर, पुलिस ने बरती ढिलाई

Mon, 02 Jun 2025 08:33 AM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़

सार

कल देर रात होटल में खाना खाने गए रिटायर्ड एएसआई के बेटे को कुछ बदमाशों ने गोलियों से भून डाला। करीब 20 मिनट में 60 फायर करने के बाद बदमाश वहां से फरार हो गए लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
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विस्तार
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शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार देर रात कुछ बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान अजयराज सिंह झाला पुत्र शिवसिंह झाला, निवासी निंबाहेड़ा के रूप में हुई है। बताया गया है कि मृतक के पिता चित्तौड़गढ़ पुलिस में एएसआई के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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यह घटना सेमलपुरा स्थित होटल विकास में उस समय हुई जब अजयराज अपने साथियों के साथ भोजन कर रहे थे। तभी पुरानी रंजिश के चलते हमलावरों ने होटल पर धावा बोल दिया और अजय पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के अनुसार करीब 20 मिनट तक चार पिस्तौल से लगातार फायरिंग होती रही और कुल 60 राउंड फायर किए गए। हमले के तुरंत बाद अजयराज को पहले बिड़ला अस्पताल और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जगह-जगह दबिश दी जा रही है।

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मृतक के साथी ओंकार शर्मा ने बताया कि अजयराज सिंह, शैलेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र सिंह और वे स्वयं होटल विकास पर खाना खाने गए थे। तभी करीब 30-35 लोग पांच-छह गाड़ियों में वहां पहुंचे और हमला बोल दिया। हमलावरों में ईश्वर सिंह डेट, कुलदीप सिंह, मोटी सिंह (डगला का खेड़ा), राजपाल सिंह, राहुल, विक्रम सिंह, कमल सिंह, भैरू झूंपड़ा सहित अन्य लोग शामिल थे। हमले की रेकी मनोज चौधरी ने की थी।

ओंकार शर्मा ने यह भी बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने 100 और 112 नंबर पर कॉल किया, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। घायल अजयराज को जब वे बिड़ला अस्पताल लेकर पहुंचे, तब भी वे जीवित थे। उन्होंने डॉक्टर को बुलाया लेकिन डॉक्टर शव देखकर वहां से भाग गया। बाद में कोतवाली थाने से दो पुलिसकर्मी आए, जिन्होंने कहा कि डॉक्टर नहीं आएगा, यह व्यक्ति मर चुका है। इसके बाद अजयराज को जिला अस्पताल ले जाया गया।
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कोतवाली थानाधिकारी भावनीसिंह ने बताया कि आठ से दस लोगों ने मिलकर विवाद के चलते फायरिंग की, जिसमें अजयराज सिंह की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनकी तलाश जारी है। हत्या के बाद सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि पहले से सतर्क होता तो इस तरह की घटना रोकी जा सकती थी।
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