Chhitorgarh: एएसआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि कमरे में आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल पाया है। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि आग के कारण कमरे में भरा धुआं युवक की मौत का कारण बना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
चित्तौड़गढ़ के गांधीनगर कच्ची बस्ती इलाके में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की आग लगने से मौत हो गई। युवक अपने कमरे में अकेला सो रहा था, तभी अज्ञात कारणों से आग लग गई। कमरे में धुआं भरने से दम घुट गया, जिससे उसकी जान चली गई। हादसे की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
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कैसे हुआ हादसा?
गांधीनगर क्षेत्र की भीलों की झोंपड़ियों में रहने वाले अकील हुसैन मेवाती का मकान है। मकान के निचले हिस्से में किराएदार रहते हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर अकील हुसैन का परिवार रहता है। अकील का बेटा आरीफ उर्फ शकील (32) पुताई का काम करता था। रविवार दोपहर जब वह घर लौटा तो परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे। आरीफ अपने कमरे में सोने चला गया।
कुछ देर बाद मकान के निचले हिस्से में रहने वाले किराएदारों ने ऊपरी मंजिल से धुआं उठते देखा। जब उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह अंदर से बंद था। शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का नजारा डराने वाला था। पूरा कमरा धुएं से भरा हुआ था, सामान जल चुका था और आरीफ सोफे पर बेहोश पड़ा था।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलने पर गांधीनगर पुलिस चौकी से एएसआई जितेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया और सोमवार को पोस्टमार्टम कराने की बात कही।
घर में पसरा मातम
युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि आरीफ की शादी हो चुकी थी, लेकिन कुछ समय पहले उसका तलाक हो गया था। उसके 11 साल का एक बेटा भी है। परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।