जयपुर के जोबनेर में एग्री एक्सपो 22 की स्मारिका का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कृषि अपने आप में प्राथमिकता है। आज किसानों के बदौलत देश आत्मनिर्भर भी है और एक्सपोर्ट भी करता है।
इस दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में अकाल और सूखा पड़ता रहता है। इसलिए कृषि हमारी प्राथमिकता हो, यही प्रयास होने चाहिए। 20 साल पहले मैंने नारा दिया था कि खेत का पानी खेत में और घर का पानी घर में। हर नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए कि वो पानी बचाए। मैं समझता हूं कि अभी कृषि का अलग बजट पेश किया गया। हमनें किसानों के लिए अलग छूट दी। उनके कर्जे माफ किए। 20 लाख किसानों को फायदा मिला। किसानों के बिल कम हो गए अब तो, करीब साढ़े पांच लाख किसानों का बिजली बिल आ ही नहीं रहा है। क्योंकि हमने 1000 रुपये प्रति महीना उनको अनुदान दिया है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को भी मैंने कहा है कि खाली आप वक्तव्य देते हो। सरकार पर रोज-रोज आरोप लगाते हो। इसकी बजाय कम से कम आप हमारे साथ चलो, प्रधानमंत्री महोदय से मिलते हैं। हमारी ईआरसीपी योजना से पूरे राजस्थान के लिए 13 जिलों की सिंचाई भी होगी, पीने का पानी भी आएगा। ईआरसीपी को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय योजना घोषित करवाओ।
अगले चुनाव में जनता सिखाएगी भाजपा को सबक
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि इनको अगले चुनाव में जनता सबक सिखाएगी। इनको भ्रम नहीं होना चाहिए कि पांच राज्यों में चार चुनाव जीत गए तो सब कुछ इनको मिल गया है। डेमाक्रेसी के अंदर कब जनता का मिजाज बदल जाए, मालूम नहीं पड़ता। यह हमने अनुभव से देखा है। आज महंगाई बहुत भयंकर है। बेरोजगारी से देश के नौजवानों के अंदर हाहाकार मचा है। भाजपा खाली यह हिंदुत्व की और राष्ट्रवाद की बात कर के लोगों को भरमा रहे हैं। इनकी बातों में दम नहीं है।
मुख्यमंत्री ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पर कहा कि चुनाव के समय इन्होंने दाम नहीं बढ़ाए। अब चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ने लगे हैं। जनता इन बातों को समझती है कि इनकी कथनी और करनी में कितना बड़ा अंतर है। समय आने पर जनता इनको झटका देगी, यह समझ नहीं पाएंगे क्या हो गया।