रकबर उर्फ अकबर खान भीड़ हत्या (मॉब लिंचिंग) मामले में पुलिस ने शुक्रवार को अलवर की निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। आरोप पत्र में कहा गया है कि रकबर की मौत भीड़ द्वारा पीटने से हुई है। साथ ही आरोप पत्र में पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में विश्व हिंदू परिषद के नवल किशोर के साथ दो अन्य को भी आरोपी बनाया गया है।
गौरतलब है कि राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने रकबर की मौत को कस्टोडियल डेथ माना था और पुलिस अधिकारियों की बनाई उच्चस्तरीय जांच समिति ने भी माना है कि रकबर की मौत पुलिस लापरवाही के कारण हुई। आरोप पत्र में तीन आरोपियों के अलावा अन्य के खिलाफ जांच लंबित होने की बात कही गई है।
जानकारी के अनुसार, 25 पेज की चार्जशीट में किसी भी पुलिसकर्मी को आरोपी नहीं बनाया गया है। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की न्यायिक जांच चल रही है। पुलिस के अनुसार फिलहाल नवल के अलावा स्थानीय ग्रामीण परमजीत व धर्मेंद्र का नाम शामिल है। तीनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।