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चंबल सिंचाई परियोजना: तीनों बांध का होगा नवीनीकरण, बांधों के बदले जाएंगे गेट

Thu, 06 Jan 2022 10:19 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

चंबल के तीनों बांध राणा प्रताप सागर जवाहर सागर कोटा बैराज के रिनोवेशन पर करीब 190 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोटा में आज जल संसाधन विभाग के मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने संभाग स्तरीय जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की आईएमटीआई भवन दादाबाड़ी में महत्वपूर्ण बैठक ली। पहले फेज में कोटा और बूंदी के इंजीनियर मौजूद रहे दूसरे फेज की बैठक में बारां झालावाड़ के इंजीनियर उपस्थित हुए। इस बैठक में जल संसाधन विभाग के द्वारा चलाए जा रहे तमाम हाड़ौती संभाग के प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। 

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जल संसाधन विभाग कोटा के अधीक्षण अभियंता हेडी अंसारी ने मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय को बताया कि चंबल सिंचाई परियोजना के राणा प्रताप सागर जवाहर सागर कोटा बैराज डैम का रिनोवेशन किया जाएगा और बांधों के गेट केंद्र सरकार के मार्गदर्शन के तहत बदले जाएंगे। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 190 करोड़ रुपये होगी। ईस्टर्न कैनल प्रोजेक्ट के तहत कालीसिंध नदी पर बन रहे नोनेरा एबरा डैम की भी उन्होंने समीक्षा की। इस बांध का निर्माण प्रगति पर है। अधिकारियों ने बताया कि 2023 में यह बांध बन जाएगा। बैठक में इंजीनियर ने बताया कि गरगड़ा बांध और तकली बांध का काम प्रगति पर है। यहां पर पुनर्वास में बजट में कुछ संशोधन होना है उसके बाद ग्रामीणों को पूरी तरह से बांध की भराव क्षमता वाले इलाके से शिफ्ट कर दिया जाएगा। 

मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अकावद बांध प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार की सरकार जांच करवा रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस समीक्षा बैठक में कोटा जिले की पीपल्दा विधानसभा के विधायक रामनारायण मीणा भी मौजूद रहे। उन्होंने नोनेरा बांध क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों और किसानों को उचित मुआवजा दिलवाने की पेशकश की साथ ही बांध प्रभावित लोगों को आवासीय जमीन देने की भी बात कही।
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विधायक मीणा ने चंबल सिंचाई परियोजना की दाएं और बाएं मुख्य नहरों में होने वाले लाइनिंग कंस्ट्रक्शन काम में भ्रष्टाचार होने का गंभीर आरोप मंत्री के सामने लगाया। विधायक ने कहा कि नहरों में जो भी पक्के काम होते हैं उनकी गुणवत्ता काफी घटिया होती है। एक-दो साल में निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त होकर बह जाता है। ऐसे में सरकार जो पैसा लगा रही है उसका सदुपयोग हो और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। मंत्री ने कहा कि कैनाल में होने वाले सभी पक्के काम गुणवत्तायुक्त किए जाएंगे और उन पर सरकार की पूरी निगरानी होगी।

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