पूर्व वित्त सचिव अरविंद मायाराम।
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मनमोहन सिंह सरकार में वित्त सचिव रहे अरविंद मायाराम के ठिकानों पर सीबीआई ने गुरुवार को छापामारे की। 1688 करोड़ के धोखाधड़ी के मामले में पूर्व वित्त सचिव मायाराम के जयपुर और दिल्ली स्थित ठिकानों पर सीबीआई ने छापा मारा। जांच में कहा गया है कि मायाराम करेंसी छपाई के लिए दिए गए टेंडर में अनियमितता में शामिल थे।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि सीबीआई को छापेमारी में कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। हालांकि, सीबीआई के अधिकारियों का अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि अरविंद मायाराम के साथ आरबीआई के कुछ अधिकारियों की भी जांच की जा रही है। सीबीआई की टीम जयपुर में मायाराक के घर मौजूद है और जांच कर रही है।
दरअसल, अरविंद मायाराम ने 2012-14 के दौरान भारत के वित्त सचिव के रूप में काम किया था। कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में वित्त मंत्री के रूप में पी चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान मायाराम को ग्रामीण विकास मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।
1978 बैच के आईएएस अधिकारी मायाराम राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुख्य आर्थिक सलाहकार भी रह चुके हैं। मायाराम ने फाइनेंस में पीएचडी की है। वे विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के बोर्डों में भारत के वैकल्पिक गवर्नर के रूप में भी काम कर चुके हैं।
अरविंद मायाराम ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार और G-20 के फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप के सह-अध्यक्ष भी रह चुके है। इसके अलावा वे भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड और भारतीय जीवन बीमा निगम के बोर्ड का हिस्सा रहे थे।