पश्चिमी राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह खबर परेशानी को और बढ़ाने वाली है। इस इलाके के लोगों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे होना तय है। भीषण गर्मी में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की मरम्मत की जाएगी। जिसके कारण 21 मार्च से लेकर अगले दो महीनो के लिए नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा।
ऐसे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अभी से कमर कस ली है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता बलवीर सिंह ने बताया कि नहरबंदी के प्रथम 30 दिनों तक कम मात्रा में नहर में जल का प्रवाह होगा। शेष दिनों में नहरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण जलयोजनाओं पर उपलब्ध पानी को ही शेष नहरबंदी की अवधि में वितरण किया जाना है। इस कारण जिले की सभी नहरी जल आधारित ग्रामीण योजनाओं की सप्लाई में कटौती कर जल वितरण किया जाएगा। साथ ही बीकानेर शहर के उपभोक्ताओं को 21 अप्रैल से 19 मई तक एक दिवस के अन्तराल से जल उपलब्ध करवाया जाना संभव होगा।
नहरबंदी के दौरान पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने हेतु जिला कलक्टर द्वारा उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में रेपिड रेस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। इसमें संबंधित सहायक अभियंता और तहसीलदार सदस्य होंगे। इनके द्वारा पेयजल व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी एवं समस्याओं के तत्काल निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं से नहरबंदी एवं ग्रीष्मऋतु के दौरान जल का मितव्ययता से उपयोग करने व यथासंभव जल संग्रहण का आह्वान किया है। पेयजल संबंधी किसी समस्या के समाधान के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष में संपर्क कर (0151-2226454) किया जा सकता है।