फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूंदी: बीजासन माता मंदिर की सीढ़ियों पर पैंथर ने किया बकरी का शिकार, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

Thu, 29 Oct 2026 05:18 PM IST
बूँदी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी

सार

राजस्थान के बूंदी जिले के इंदरगढ़ स्थित बीजासन माता मंदिर परिसर में पैंथर ने सीढ़ियों पर बकरी का शिकार कर लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। मंदिर चारों ओर पहाड़ियों और जंगल से घिरा है। वन्यजीवों की लगातार आवाजाही को देखते हुए मंदिर समिति ने जिला प्रशासन से फेंसिंग कराने की मांग की है।
 
विज्ञापन
बीजासन माता मंदिर में पैंथर ने किया बकरी का शिकार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बूंदी के इंदरगढ़ स्थित प्रसिद्ध बीजासन माता मंदिर में पैंथर की आवाजाही से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मंगलवार रात पहाड़ी से उतरकर मंदिर परिसर में पहुंचे पैंथर ने सीढ़ियों पर मौजूद बकरी पर हमला कर दिया और उसे अपना शिकार बना लिया। यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। मंदिर समिति का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी पैंथर की मौजूदगी सामने आती रही है। ऐसे में मंदिर परिसर को सुरक्षित करने के लिए फेंसिंग और निगरानी के पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं।

विज्ञापन


पहाड़ी से उतरकर मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंचा पैंथर
मंदिर समिति अध्यक्ष हरीश योगी के अनुसार, बीजासन माता मंदिर चारों ओर पहाड़ियों और जंगल से घिरा हुआ है। इसी वजह से यहां पैंथर की आवाजाही बनी रहती है। मंगलवार रात भी एक पैंथर पहाड़ी से उतरकर मंदिर परिसर में पहुंच गया। उसने सीढ़ियों पर मौजूद बकरी पर हमला किया और कुछ ही देर में उसका शिकार कर लिया। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में पैंथर की यह गतिविधि रिकॉर्ड हो गई।

हरीश योगी ने बताया कि क्षेत्र में एक से अधिक पैंथर की मौजूदगी की जानकारी भी सामने आती रही है। रात के समय वन्यजीवों का मंदिर परिसर तक पहुंचना चिंता का विषय है, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
विज्ञापन


फेंसिंग के लिए जिला प्रशासन से लगाई गुहार
मंदिर परिसर तक वन्यजीवों की पहुंच रोकने के लिए मंदिर समिति ने जिला प्रशासन से फेंसिंग करवाने की मांग की है। समिति अध्यक्ष के मुताबिक, हाल ही में मंदिर पहुंचे जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव को पत्र सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया था। पत्र में मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि जंगली जानवरों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।

समिति का कहना है कि वन्यजीवों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए समिति का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दिल्ली जाकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल मंदिर परिसर में पैंथर की आवाजाही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और फेंसिंग की जरूरत का मुद्दा उठाएगा।

शाम 5 बजे के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक
वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए मंदिर में दर्शन का समय सीमित रखा गया है। सुबह 7 बजे मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं, जबकि शाम 5 बजे के बाद दर्शन की अनुमति नहीं है। मंदिर के जंगल और पहाड़ियों से सटे होने के कारण यहां वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है।
मंदिर समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता है। हालांकि, पैंथर की लगातार आवाजाही को देखते हुए केवल दर्शन का समय सीमित रखना पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। समिति का मानना है कि फेंसिंग और निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से वन्यजीवों के मंदिर परिसर तक पहुंचने की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।

बीजासन माता मंदिर की पहाड़ियों में पैंथर की मौजूदगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मंदिर के ऊपरी हिस्से की पहाड़ियों में एक पैंथर ने शिकार किया था। उस घटना को मंदिर में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें