बूंदी में प्रदर्शन के बाद दो विधायकों समेत 28 नामजद
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किसानों की मांगों को लेकर सोमवार को बूंदी में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। कोतवाली थाना पुलिस ने हिंडोली विधायक अशोक चांदना, केशोरायपाटन विधायक सीएल प्रेमी समेत 28 लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा 100 से 150 अन्य प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच अब सीआईडी-सीबी को सौंपी जाएगी।
कलेक्ट्रेट कूच के दौरान बढ़ा तनाव
प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के कलेक्ट्रेट कूच से हुई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में किसान और समर्थक शहर की सड़कों पर उतर आए। कलेक्ट्रेट के निकट पहुंचने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और धक्का-मुक्की का माहौल बन गया।
वाटर कैनन और बल प्रयोग के बाद हटी भीड़
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई तो वाटर कैनन का सहारा लिया गया। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया। करीब आधे घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और शहर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल भी हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
दो एफआईआर में नामजद हुए विधायक और अन्य आरोपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह चंपावत ने बताया कि कोतवाली थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर में हिंडोली विधायक अशोक चांदना, केशोरायपाटन विधायक सीएल प्रेमी सहित 28 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि दूसरी एफआईआर में 100 से 150 अन्य प्रदर्शनकारियों को शामिल किया गया है।
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CID-CB करेगी पूरे मामले की जांच
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ सड़क जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच सीआईडी-सीबी से कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।