राजस्थान के बूंदी जिले से सरकारी नौकरी में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि पशुपालन विभाग में कार्यरत तीनों डॉक्टरों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। इन डॉक्टरों के खिलाफ एसओजी मुख्यालय ने हेल्प लाइन व डाक के जरिए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी हासिल करने की 27 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। अबतक एसओजी ने कुल 44 लोगों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
इन तीन डॉक्टरों पर दर्ज हुई एफआईआर
बून्दी पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. रामलाल मीना, डॉ. प्रकाश कुमार वर्मा और डॉ. शंकरलाल मीना के खिलाफ एसओजी ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से सरकारी नौकरी हासिल करने को लेकर एफआईआर दर्ज करवाई है। इसके अलावा एसओजी की जांच में 44 अभ्यर्थियों का नाम सामने आया था। जिनकी जांच में दोष सिद्ध होने के बाद इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी लोगों पर एसओजी ने IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों ने श्रव्य बाधित, लोकोमोटर, दृष्टि बाधित होने के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाये थे।
इन लोगों को सुनने...दिखाई और चलने में थी समस्या
बून्दी पशुपालन विभाग में कार्यरत इन डॉक्टरों ने खुद को फर्जी प्रमाण के जरिए सुनाई न देना,दिखाई न देना और चलने-फिरने में समस्या, जैसी विकलांगता बताई थी। दिव्यांग आरक्षण का लाभ उठाकर इन्होंने सरकारी सेवा में प्रवेश पाया।
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इनके खिलाफ एसओजी ने दर्ज कराई एफआईआर
इस मामले में एसओजी ने मनीष कुमार कटारा, भानुप्रताप कटारा, महिपाल, हंटू गुर्जर, तगाराम (तरुण चौधरी), किशोर सिंह, दीपू, महेश कुमार जीतरवाल, लोकेश नायक, नरेश नायक, अरविंद, ललिता, लोकेश, लोकेश, विकेश कुमार, पिंकी कुमारी, दामिनी कंवर, महिपाल, भरत कुमार पाटीदार, गेपुराम, दिनेश कुमार विश्नोई, आसी कुमारी, कमल, पवन कुमार, विनोद कंवर शेखावत, छिन्द्रपाल सिंह, महेंद्र पाल, कमल किशोर, राजेंद्र कुमार सेपट, सवाई सिंह गुर्जर, नफीस, संजय, रणजीत सिंह, कलुआ राम, सत्यपाल सिंह, हेमंत सिंह राठौड़, मोहित सिंह, प्रशांत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।