जिले के हिंडोली इलाके में ईमित्र संचालक के साथ हुई पांच लाख की लूट मामले में बूंदी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। ईमित्र संचालक ने ही उधारी का पैसा चुकाने के लिए लूट का षड्यंत्र रचा था। संचालक ने बड़ोदिया के एक ग्राम विकास अधिकारी की सहायता से लूट की कहानी रची और बैंक से निकल गए पांच लाख रुपये के बैग को ले जाते समय झूठी लूट करवाई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तकनीकी अनुसंधान कर मामले का पर्दाफाश किया। जिस इलाके में लूट हुई थी वहां आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज में कोई नजर नहीं आया। पुलिस ने कड़ाई से संचालक से पूछताछ की तो उसने झूठी लूट की कहानी रचने की बात कबूल की और बडोदिया ग्राम के एक ग्राम विकास के कहने पर लूट की साजिश की। पुलिस ने मामले में ग्राम सेवक सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि ग्राम विकास अधिकारी नितिन शर्मा ने कुछ दिन पूर्व जयपुर से एक युवती का अपहरण किया था, जिसमें ईमित्र संचालक हरि सिंह सहित एक अन्य आरोपी था। जयपुर से लड़की वाले बंदी आने वाले थे। ऐसे में वारदात करने के बाद लूट का आरोप ये लोग लड़की वाले पर लगाने वाले थे, लेकिन लूट की घटना के बाद लड़की वाले बूंदी पहुंचे नहीं तो लूट का भंडाफोड़ हो गया।
ऐसे किया वारदात का खुलासा
एसपी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि आरोपी हरिसिंह मीना बी.सी. का कार्य करता है। ई-मित्र संचालक देवराज व ग्राम विकास अधिकारी नितिन शर्मा तीनों आपस में मित्र है। आरोपी द्वारा चैपहिया वाहन की किश्त बकाया होने व अन्य लोगों को कर्ज का भुगतान किया जाना था। पूर्व में फरियादी के साथी नितिन शर्मा ग्राम विकास अधिकारी द्वारा जयपुर से एक लड़की का भगाकर ले जाने पर नितिन शर्मा ग्राम विकास अधिकारी, ई-मित्र संचालक देवराज एवं पीड़ित हरि सिंह के खिलाफ थाना शीप्रा पथ मानसरोवर जयपुर में अपहरण व बलात्कार का प्रकरण दर्ज है। इसी मामले में लड़की के परिजनों का हिण्डोली आने का कार्यकम था, जिस पर तीनों साथियों ने मिलकर पीड़िता के परिजनों को फंसाने के लिए साजिश रची। किसी कारणवश जयपुर से पीड़िता के परिजन आ नहीं सके। पीड़ित हरि सिंह द्वारा बैंक से राशि निकालकर अपने साथी ई मित्र संचलाक देवराज मीना को रास्ते में दे दी। पीड़ित द्वारा एक दिन पूर्व मिर्ची पावडर और पेट्रोल पंप से बोतल में पेट्रोल खरीदा और अपने बैग में रखकर सुनसान जगह पहुंच कर लूट की घटना होना बताया। पीड़ित द्वारा तीसरे दिन अपने साथी से कथित लूट की राशि घर जाकर प्राप्त करली। जिसमें से 1,50000 रुपये लोगों के बकाया चुका दिए तथा 3,85000 रुपये अपने साथी नितिन शर्मा ग्राम विकास अधिकारी को दे दिए। नितिन शर्मा ग्राम विकास अधिकारी से उक्त राशि जप्त कर ली है। साजिश में अन्य लोगों के शामिल होने बाबत अनुसंधान किया जा रहा है।